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बजट 2026
New Delhi: आखिरकार वह घड़ी आ ही गई, जिसका पूरे देश को बेसब्री से इंतजार था। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कुछ ही देर में केंद्रीय बजट 2026 पेश करने जा रही हैं। हर साल की तरह इस बार भी मिडिल क्लास टैक्सपेयर्स की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि बढ़ती महंगाई के बीच बजट उनकी रोजमर्रा की जरूरतों को कितना सस्ता या महंगा बनाता है।
सरकार से उम्मीद की जा रही है कि वह बजट 2026 में मेक इन इंडिया को और मजबूत करने पर जोर देगी। इसके साथ ही आम लोगों की परचेजिंग पावर बढ़ाने के लिए कुछ बड़े कदम उठाए जा सकते हैं। घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने से न सिर्फ रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि कई कंज्यूमर सेक्टर्स में कीमतें भी कम हो सकती हैं।
बजट 2026 में अगर सरकार कैमरा मॉड्यूल, डिस्प्ले यूनिट और अन्य जरूरी इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स पर कस्टम ड्यूटी कम करती है, तो भारत में बने स्मार्टफोन और टैबलेट सस्ते हो सकते हैं। इससे लोकल मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा और कंज्यूमर्स को कम कीमत पर बेहतर डिवाइस मिल पाएंगे। खासतौर पर मिडिल क्लास यूजर्स के लिए यह बड़ी राहत हो सकती है।
देश का रियल एस्टेट सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन किफायती घरों की मांग अब भी ज्यादा है। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि बजट सेगमेंट और अफोर्डेबल हाउसिंग पर खास फोकस किया जाएगा। माना जा रहा है कि होम लोन के ब्याज पर टैक्स डिडक्शन की सीमा मौजूदा 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये तक की जा सकती है। अगर ऐसा होता है, तो घर खरीदने की कुल लागत में बड़ी राहत मिलेगी और मिडिल क्लास के लिए होम ओनर बनने का सपना और करीब आ सकता है।
बजट 2026 में सरकार हेल्थ इंश्योरेंस सेक्टर पर भी ध्यान दे सकती है। एक्सपर्ट्स की सलाह है कि सेक्शन 80D जैसे टैक्स बेनिफिट्स को नए टैक्स सिस्टम में और आकर्षक बनाया जाए। अगर प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है, तो हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा 25,000 रुपये से बढ़ाकर 50,000 रुपये तक की जा सकती है। इससे मेडिकल खर्चों का बोझ काफी हद तक कम हो सकता है।
अगर बैटरी निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल पर टैक्स घटाया जाता है, तो इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और कारों की कीमतों में कमी आ सकती है। यह कदम ईवी सेक्टर को और गति दे सकता है। वहीं, लाइफ सेविंग ड्रग्स, कैंसर की दवाइयों और जरूरी मेडिकल डिवाइसेज पर ड्यूटी कम होने से इलाज से जुड़ा खर्च भी घट सकता है, जो आम लोगों के लिए बड़ी राहत होगी।
टैक्स या ड्यूटी में छूट मिलने की स्थिति में भारत में बने टीवी, फ्रिज और अन्य घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स के दाम भी कम हो सकते हैं। इससे मिडिल क्लास परिवारों का घरेलू बजट बेहतर तरीके से मैनेज हो सकेगा।
Location : New Delhi
Published : 1 February 2026, 8:56 AM IST
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