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भारत की अध्यक्षता में बड़ा आयोजन (Source: Pinterest)
New Delhi: राजधानी दिल्ली में 12 और 13 सितंबर 2026 को 18वें BRICS Summit का आयोजन होने जा रहा है। भारत इस बार BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और दो दिवसीय शिखर सम्मेलन भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा। इस बैठक पर सिर्फ BRICS देशों की ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया की नजर है। खासतौर पर ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की संभावित मौजूदगी को लेकर इसे बेहद अहम माना जा रहा है।
इस साल BRICS की अध्यक्षता भारत के पास है। समिट की थीम मजबूती, इनोवेशन, सहयोग और सस्टेनेबिलिटी के लिए निर्माण पर आधारित है। बैठक में सदस्य और पार्टनर देशों के नेता वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा करेंगे। साथ ही साझा प्राथमिकताओं पर सहयोग मजबूत करने की कोशिश होगी।
भारत की अध्यक्षता में BRICS से जुड़ी गतिविधियों का दायरा भी काफी व्यापक रहा है। अब तक देश के 25 से ज्यादा शहरों में 350 से अधिक बैठकें और हाई लेवल मीटिंग आयोजित की जा चुकी हैं।
BRICS की शुरुआत 2006 में एक अनौपचारिक समूह के रूप में हुई थी। इसका पहला औपचारिक शिखर सम्मेलन 16 जून 2009 को हुआ। आज यह समूह 11 प्रमुख विकासशील देशों को एक मंच पर लाता है। इनमें ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, भारत, इंडोनेशिया, ईरान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात शामिल हैं।
भारत BRICS का संस्थापक सदस्य है और इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में अध्यक्षता कर चुका है। 1 जनवरी 2026 को भारत ने चौथी बार BRICS की अध्यक्षता संभाली। खास बात यह भी है कि इस साल BRICS की स्थापना के 20 साल पूरे हो रहे हैं।
BRICS भारत को चीन और रूस जैसे देशों के साथ एक ही मंच पर संवाद का अवसर देता है। इसके साथ ही भारत विकासशील देशों और प्रमुख ऊर्जा उत्पादक अर्थव्यवस्थाओं के साथ भी अपने संबंध मजबूत कर सकता है।
BRICS भारत के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि नई दिल्ली अमेरिका, यूरोप, जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के साथ अपनी रणनीतिक साझेदारी जारी रखते हुए चीन और रूस के साथ भी संवाद बनाए रख सकती है। इससे भारत की बहुपक्षीय विदेश नीति को मजबूती मिलती है।
BRICS लंबे समय से वैश्विक संस्थाओं में सुधार की मांग करता रहा है। समूह का मानना है कि संयुक्त राष्ट्र, IMF और World Bank जैसी संस्थाओं में उभरती अर्थव्यवस्थाओं की बढ़ती आर्थिक ताकत को ज्यादा बेहतर तरीके से प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।
इस BRICS Summit में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की संभावित मौजूदगी को भारत-चीन संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर मतभेद रहे हैं, ऐसे में BRICS का मंच संवाद को आगे बढ़ाने का अवसर दे सकता है।
वहीं, विशेषज्ञों के अनुसार भारत को अपनी BRICS अध्यक्षता का इस्तेमाल एक्सपोर्ट पेमेंट में तेजी, सर्टिफिकेशन की दिक्कतों को कम करने और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए बेहतर फंडिंग हासिल करने जैसे मुद्दों को आगे बढ़ाने में करना चाहिए।
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BRICS नेताओं के शिखर सम्मेलन से पहले 9 और 10 सितंबर को मुंबई में वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की बैठक होगी। इसमें सदस्य देशों के वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक के गवर्नर शामिल होंगे। ऐसे में दिल्ली समिट से पहले आर्थिक सहयोग से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
Location : New Delhi
Published : 9 September 2026, 12:16 PM IST
Topics : BRICS News brics summit 2026 India News trump Xi Jinping