Budget 2026: Gen Z का बदला बजट मंत्र, जानें अब कैसे AI बन रहा भरोसेमंद टीममेट

Atlassian Team on Tour Bengaluru 2025 में दिखा कि AI अब सिर्फ टूल नहीं, टीममेट बन रहा है। Rovo, Jira और Confluence के साथ Atlassian ने ऐसा सिस्टम ऑफ वर्क पेश किया, जहां AI सर्च, समझ और ऑटोमेशन के जरिए काम को आसान बनाता है।

Post Published By: Sapna Srivastava
Updated : 5 February 2026, 8:31 AM IST
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New Delhi: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI ने काम करने के तरीके को नई दिशा दी है, लेकिन असली चुनौती इसे भरोसेमंद, स्केलेबल और टीम के साथ मिलकर काम करने लायक बनाना है। इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने के लिए Atlassian Team on Tour: Bengaluru 2025 का आयोजन किया गया, जहां साफ दिखा कि AI अब प्रयोग से निकलकर प्रैक्टिकल जरूरत बन चुका है।

AI फीचर नहीं काम का हिस्सा

इवेंट की कीनोट सेशन्स में Atlassian लीडर्स ने साफ कहा कि AI कोई एक्स्ट्रा एड-ऑन नहीं, बल्कि वर्क सिस्टम का हिस्सा है। इस बार सबसे ज्यादा चर्चा में रहा Atlassian Rovo, जो सर्च, चैट, एजेंट्स और ऑटोमेशन को एक AI लेयर में जोड़ता है। इसका मकसद AI को एक ऐसे टीममेट की तरह पेश करना है, जो सवाल समझे, जवाब दे और काम भी पूरा करे।

बिखरी जानकारी से एक सिस्टम ऑफ वर्क

कई सेशन्स में यह बात उभरकर सामने आई कि आज की सबसे बड़ी समस्या जानकारी का बिखराव है। अलग-अलग टूल्स और टीम्स में फैले डेटा से प्रोडक्टिविटी पर असर पड़ता है। Jira और Confluence को जोड़कर Atlassian एक ऐसा सिस्टम ऑफ वर्क बना रहा है, जहां टिकटिंग, डॉक्यूमेंटेशन और वर्कफ्लो एक साथ चलते हैं और AI उन्हें समझकर काम आसान बनाता है।

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बातों से काम तक

Rovo Studio की हैंड्स-ऑन वर्कशॉप्स इवेंट का बड़ा आकर्षण रहीं। यहां प्रतिभागियों ने खुद AI एजेंट बनाए। कई यूजर्स ने माना कि यह प्रोसेस शुरुआती लोगों के लिए भी आसान है। अब यूजर अपनी जरूरत के मुताबिक एजेंट सेट कर सकते हैं, सवाल पूछ सकते हैं और रिपीट होने वाले काम ऑटोमेट कर सकते हैं।

एंटरप्राइज लेवल पर AI और गवर्नेंस

बड़े संगठनों में AI अपनाने को लेकर गवर्नेंस, सिक्योरिटी और रोल-बेस्ड एक्सेस अहम मुद्दे रहे। Atlassian के क्लाउड प्लेटफॉर्म में यह सुविधा दी गई है कि हर यूजर को उसकी भूमिका के अनुसार एक्सेस मिले। इससे AI का इस्तेमाल सुरक्षित और कंट्रोल में रह सकता है।

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जिज्ञासा से जरूरत तक का सफर

अगर पिछले साल AI को लेकर जिज्ञासा ज्यादा थी, तो इस बार माहौल ज्यादा व्यावहारिक दिखा। ग्राहक अब यह नहीं पूछ रहे कि AI क्या कर सकता है, बल्कि यह जानना चाहते हैं कि इसे कितनी जल्दी और किस तरह लागू किया जाए। Bengaluru 2025 का यह इवेंट AI की दुनिया में एक ऐसे मोड़ के रूप में देखा जा रहा है, जहां सवाल “क्या करें?” से बदलकर “कब शुरू करें?” हो गया है।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 5 February 2026, 8:31 AM IST

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