Ambedkar Jayanti 2026: डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती आज, जानिये बाबा के संघर्ष की कहानी

डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती 14 अप्रैल 2026 को मनाई जाएगी। यह दिन समानता, न्याय और मानवाधिकारों के प्रति उनके योगदान को याद करने का अवसर है। देशभर में श्रद्धांजलि, सभाएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 14 April 2026, 10:31 AM IST
google-preferred

New Delhi: भारतीय संविधान के शिल्पकार और महान समाज सुधारक डॉ. भीमराव अंबेडकर की जन्म जयंती हर वर्ष 14 अप्रैल को मनाई जाती है। इस साल उनकी 135वीं जयंती मनाई जा रही है। यह दिन केवल एक महापुरुष का जन्मदिवस नहीं, बल्कि समानता, न्याय और मानवाधिकारों के मूल्यों का प्रतीक भी है।

संघर्षों से भरा रहा जीवन

डॉ. अंबेडकर का जन्म एक दलित परिवार में हुआ था, जहां उन्हें बचपन से ही जातिगत भेदभाव का सामना करना पड़ा। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने शिक्षा को अपना हथियार बनाया और कोलंबिया विश्वविद्यालय तथा लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से उच्च शिक्षा प्राप्त की। वे अपने समय के सबसे शिक्षित भारतीयों में से एक बने।

संविधान निर्माण में अहम भूमिका

स्वतंत्रता के बाद उन्हें भारतीय संविधान सभा की ड्राफ्टिंग कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया। उन्होंने दुनिया का सबसे बड़ा लिखित संविधान तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिसमें प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार, स्वतंत्रता और न्याय की गारंटी दी गई।

सामाजिक सुधारों के अग्रदूत

डॉ. अंबेडकर ने जीवनभर जातिवाद और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ संघर्ष किया। उन्होंने शिक्षा, समानता और अधिकारों के लिए कई आंदोलन चलाए। उनका प्रसिद्ध नारा “शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो” आज भी समाज को प्रेरित करता है।

अलर्ट! अंबेडकर जयंती और बैसाखी के कारण आज बैंक बंद, यहां देखें पूरा वीक शेड्यूल

अंबेडकर जयंती का महत्व

यह दिन समानता दिवस के रूप में भी जाना जाता है। यह जाति व्यवस्था और भेदभाव के खिलाफ उनके संघर्ष को याद करने का अवसर है। साथ ही यह संविधान निर्माता के प्रति सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने का प्रतीक है।

देशभर में आयोजन

इस अवसर पर देशभर में लोग बाबासाहेब की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित करते हैं। मुंबई के चैत्य भूमि और नागपुर के दीक्षाभूमि में लाखों अनुयायी एकत्र होते हैं। स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संगठनों में सेमिनार, भाषण और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

अंबेडकर जयंती पर सियासी संग्राम, सपा ने स्वच्छता अभियान के साथ भाजपा पर साधा निशाना

शिक्षा और मानवाधिकार का संदेश

अंबेडकर जयंती केवल श्रद्धांजलि का दिन नहीं, बल्कि शिक्षा और मानवाधिकारों के महत्व को समझने का अवसर भी है। उनके विचार आज भी समाज को समानता और न्याय की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

Location :  New Delhi

Published :  14 April 2026, 10:31 AM IST

Advertisement