लोकसभा में चीन के मुद्दे पर राहुल गांधी के भाषण के दौरान हंगामा हो गया। रक्षा मंत्री और गृह मंत्री ने अप्रकाशित किताब का हवाला देने पर आपत्ति जताई। वहीं अखिलेश यादव राहुल गांधी के समर्थन में बोले और कहा कि विपक्ष के नेता को चीन जैसे संवेदनशील मुद्दे पर बोलने दिया जाना चाहिए।

राहुल गांधी के सपोर्ट में अखिलेश यादव
New Delhi: लोकसभा में चीन के मुद्दे पर बोल रहे विपक्ष के नेता राहुल गांधी के समर्थन में समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव खुलकर सामने आए। अखिलेश यादव ने कहा कि चीन से जुड़ा मामला बेहद संवेदनशील है और इस पर विपक्ष के नेता को अपनी बात रखने की पूरी इजाजत मिलनी चाहिए। उन्होंने सदन में कहा कि अगर कोई सुझाव देशहित में है तो उसे सुनना जरूरी है।
अखिलेश यादव ने अध्यक्ष को संबोधित करते हुए कहा कि चीन का सवाल हमेशा गंभीर और संवेदनशील रहा है। उन्होंने डॉक्टर राम मनोहर लोहिया, जॉर्ज फर्नांडिज और नेताजी मुलायम सिंह यादव का जिक्र करते हुए कहा कि सभी नेता हमेशा यह चेतावनी देते रहे हैं कि भारत को चीन के प्रति सतर्क रहना चाहिए। अगर सावधानी नहीं बरती गई तो पहले भी देश ने जमीनें खोई हैं।
राहुल गांधी के बोलते ही सदन में हंगामा
दरअसल, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के दौरान राहुल गांधी ने जैसे ही अपना भाषण शुरू किया, सदन में हंगामा खड़ा हो गया। राहुल गांधी ने कहा कि पूर्व आर्मी चीफ एमएम नरवणे की एक किताब में लिखा है, जिसे वह सदन में पढ़कर सुनाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इससे साफ हो जाएगा कि कौन देशभक्त है और कौन नहीं।
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डोकलाम में चीनी टैंकों का जिक्र
राहुल गांधी ने आगे कहा कि डोकलाम में चार चीनी टैंक भारत की धरती की ओर बढ़ रहे थे और सिर्फ 100 मीटर दूर थे। राहुल के इस बयान पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने तुरंत आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि जिस किताब का हवाला दिया जा रहा है, वह अप्रकाशित है और संसद में इसका जिक्र नहीं किया जा सकता। गृह मंत्री अमित शाह ने भी आपत्ति जताते हुए कहा कि किसी भी अप्रकाशित पुस्तक को सदन में कोट करना नियमों के खिलाफ है। सरकार की ओर से आरोप लगाया गया कि राहुल गांधी सदन को गुमराह कर रहे हैं।
राहुल के समर्थन में आए अखिलेश यादव
इसी बीच अखिलेश यादव ने राहुल गांधी का समर्थन करते हुए कहा कि चीन का मुद्दा राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है और विपक्ष के नेता को बोलने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि अगर विपक्ष कोई सुझाव दे रहा है तो उसे देशहित में सुना जाना चाहिए।
कार्यवाही दोपहर 4 बजे तक स्थगित
सदन में बढ़ते हंगामे और लगातार आपत्तियों के बीच लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने हस्तक्षेप किया। इसके बाद उन्होंने अखिलेश यादव को बोलने के लिए बुलाया, लेकिन माहौल ज्यादा गरमा गया। आखिरकार लोकसभा की कार्यवाही को दोपहर 4 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।