केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस अचानक त्यागपत्र से प्रदेश की राजनीति में बड़ी हलचल मच गई है। उन्होंने सिर्फ नौ महीने के कार्यकाल के बाद इस्तीफा दे दिया है।

लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने अपने पद से इस्तीफा
New Delhi: पश्चिम बंगाल के बाद लद्दाख से बड़ी खबर आई है। केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ ही देर पहले पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने भी इस्तीफा दिया था। उन्होंने सिर्फ नौ महीने के कार्यकाल के बाद इस्तीफा दे दिया है।
इस्तीफे के बाद की स्थिति
कविंदर गुप्ता के इस्तीफे के बाद लद्दाख में नए उपराज्यपाल की नियुक्ति को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं। इस पद पर कौन नियुक्त होगा, यह देखना दिलचस्प होगा। प्रदेश में प्रशासनिक स्थिरता बनाए रखने के लिए जल्द ही नए उपराज्यपाल की घोषणा की जा सकती है। राजनीतिक दल इस घटनाक्रम पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं। वे सरकार के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।
कविंदर गुप्ता जुलाई 2025 में केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के नए उपराज्यपाल बने थे। उन्होंने रिटायर्ट ब्रिगेडियर डॉ. बीडी मिश्रा की जगह ली थी। उनका जन्म 2 दिसंबर 1959 को हुआ था। वह छात्र जीवन में ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ गए थे।
कविंदर गुप्ता के इस्तीफे की खबर ने राजनीतिक गलियारों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस फैसले के पीछे के कारणों को लेकर विभिन्न स्तरों पर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, उपराज्यपाल के पद छोड़ने का वास्तविक कारण अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है। राजनीतिक विश्लेषक इस इस्तीफे को एक महत्वपूर्ण घटना मान रहे हैं।
दो प्रमुख राज्यों के राज्यपालों का लगभग एक साथ इस्तीफा देना केंद्र सरकार के लिए भी विचारणीय विषय बन गया है। इस घटना ने देश की संवैधानिक नियुक्तियों पर भी ध्यान आकर्षित किया है। यह देखना होगा कि केंद्र सरकार इस स्थिति से कैसे निपटती है।
पश्चिम बंगाल के बाद लद्दाख के उपराज्यपाल कविन्द्र गुप्ता का भी इस्तीफा
राजनीतिक हलकों में व्यक्तिगत कारणों से लेकर प्रशासनिक मतभेदों तक की अटकलें लगाई जा रही हैं। हालांकि, जब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आता, तब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाएगी।