राफेल की तस्वीरें भेजने का आरोप, पाकिस्तान कनेक्शन सामने आया; हाईकोर्ट ने जमानत देने से किया इनकार

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अंबाला एयरफोर्स स्टेशन में तैनात राफेल लड़ाकू विमानों की कथित तस्वीरें पाकिस्तान की एक महिला को भेजने के आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया है। अभियोजन पक्ष ने मामले की संवेदनशीलता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलुओं का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया था।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 12 September 2026, 1:28 PM IST
google-preferred

Chandigarh: चंडीगढ़ से सामने आए एक मामले में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर पहलू सामने आने के बाद पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत देने से इनकार कर दिया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने अंबाला एयरफोर्स स्टेशन में तैनात राफेल लड़ाकू विमानों की तस्वीरें खींचकर पाकिस्तान की एक महिला को भेजी थीं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अदालत ने इस स्तर पर आरोपी को राहत देना उचित नहीं माना। कोर्ट के सामने राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े पहलुओं का भी हवाला दिया गया।

अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से जुड़ा है मामला

पूरा मामला अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से जुड़ा बताया जा रहा है। यहां तैनात राफेल लड़ाकू विमानों की कथित तौर पर तस्वीरें लिए जाने और उन्हें पाकिस्तान की एक महिला के साथ साझा करने का आरोप है। याची पर आरोप है कि उसने एयरफोर्स स्टेशन से संबंधित संवेदनशील तस्वीरें खींचीं। इसके बाद इन तस्वीरों को पाकिस्तान में मौजूद एक महिला को भेजे जाने का आरोप लगाया गया।

राफेल विमानों से जुड़ी जानकारी होने का दावा

जांच एजेंसियों के अनुसार, जिन तस्वीरों को साझा किए जाने का आरोप है, उनमें राफेल लड़ाकू विमानों से संबंधित जानकारी दिखाई देती थी। यही वजह है कि एजेंसियों ने पूरे मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा के नजरिए से गंभीर माना है। सैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील तस्वीरों का अनधिकृत तरीके से किसी बाहरी व्यक्ति तक पहुंचना अपने आप में महत्वपूर्ण विषय माना जाता है। ऐसे में जब तस्वीरें पाकिस्तान में मौजूद किसी महिला को भेजे जाने का आरोप सामने आया, तो जांच का दायरा और संवेदनशील हो गया।

कागजों में बेटा और हाथ में बेटी: PGI चंडीगढ़ में लापरवाही के आरोपों के बीच मासूम की मौत, जांच शुरू

आरोपी ने हाईकोर्ट में मांगी थी जमानत

आरोपी की ओर से पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की गई थी। आरोपी की तरफ से अदालत के सामने राहत दिए जाने की मांग की गई। वहीं अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध किया। अभियोजन की ओर से मामले की संवेदनशीलता और जांच से जुड़े पहलुओं का हवाला दिया गया। दलील दी गई कि मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा है और जांच के इस चरण में आरोपी को जमानत दिए जाने से जांच प्रभावित होने की आशंका हो सकती है।

राष्ट्रीय सुरक्षा को कोर्ट ने माना गंभीर

हाईकोर्ट के सामने मामले की गंभीरता का एक बड़ा आधार राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा पहलू था। संवेदनशील सैन्य प्रतिष्ठान की तस्वीरों को कथित तौर पर पाकिस्तान में मौजूद व्यक्ति तक पहुंचाने के आरोप को अदालत ने सामान्य मामले की तरह नहीं देखा। मामले में जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि तस्वीरें किस परिस्थिति में ली गईं, उन्हें किस तरीके से साझा किया गया और आरोपी तथा संबंधित महिला के बीच किस तरह का संपर्क था।

अब चेतावनी नहीं, सीधे एक्शन का ऐलान! सिख जत्थेबंदियों ने चंडीगढ़ से दी बड़ी चुनौती, जानें किस दिन करेंगे अंबाला कूच?

पाकिस्तान की महिला से संपर्क की भी जांच

मामले का एक अहम पहलू आरोपी द्वारा पाकिस्तान की महिला के साथ कथित संपर्क भी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि दोनों के बीच किस तरह की बातचीत हुई थी और तस्वीरें साझा किए जाने के पीछे क्या उद्देश्य था।

जमानत नहीं मिलने के बाद जांच पर नजर

हाईकोर्ट से जमानत नहीं मिलने के बाद अब जांच एजेंसियों की आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण हो गई है। एजेंसियां मामले से जुड़े डिजिटल और अन्य साक्ष्यों की जांच कर सकती हैं और यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि संवेदनशील तस्वीरें किस तरह आरोपी के पास पहुंचीं और फिर उन्हें कथित तौर पर पाकिस्तान की महिला तक कैसे भेजा गया।

Location :  Chandigarh

Published :  12 September 2026, 1:28 PM IST

Advertisement