
मुंबई पुलिस ने पिता से मिलाया तो भावुक हो उठा थाना
Mumbai: मुंबई की भीड़भाड़ भरी सड़कों पर फुटपाथ किनारे बैठे भिखारी अक्सर लोगों की नजरों से गुजर जाते हैं। कोई उनकी कहानी जानने की कोशिश नहीं करता। लेकिन मलाड पुलिस की एक छोटी सी पहल ने एक ऐसे युवक की जिंदगी बदल दी, जिसकी कहानी सुनकर हर कोई भावुक हो गया। सड़क किनारे भीख मांगने वाला युवक दरअसल होम्योपैथी कॉलेज का छात्र निकला, जो महीनों से अपने परिवार से बिछड़ा हुआ था। जब पुलिस ने उसे उसके पिता से मिलवाया तो मलाड पुलिस स्टेशन में मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
मलाड पुलिस इन दिनों सड़कों पर रह रहे भिखारियों और बेसहारा लोगों के पुनर्वास के लिए विशेष अभियान चला रही थी। इसी अभियान के दौरान एसवी रोड पर फुटपाथ किनारे बैठे एक करीब 22 वर्षीय युवक पर कांस्टेबल कोमलसिंह जाधव की नजर पड़ी। युवक की हालत बेहद खराब थी। उसके कपड़े मैले थे, चेहरा डरा-सहमा लग रहा था और वह किसी भी सवाल का ठीक से जवाब नहीं दे पा रहा था। पुलिसकर्मियों को लगा कि युवक मानसिक रूप से परेशान है और लंबे समय से सड़क पर रह रहा है।
आमतौर पर ऐसे मामलों में औपचारिक कार्रवाई कर लोगों को शेल्टर होम भेज दिया जाता है, लेकिन इस बार मलाड पुलिस ने इंसानियत को प्राथमिकता दी। पुलिसकर्मियों ने पहले युवक को नहलाया, उसे साफ कपड़े दिए और खाना खिलाया। काफी देर आराम करने के बाद जब युवक थोड़ा सहज हुआ तो सब-इंस्पेक्टर मनीषा कागल्कर ने उससे प्यार से बातचीत शुरू की।
अभय ने पुलिस को बताया कि वह होम्योपैथी कॉलेज में तीसरे वर्ष का छात्र था। कुछ महीने पहले वह ट्रेन से सफर कर रहा था, तभी उसका बैग चोरी हो गया। उसी बैग में मोबाइल फोन, जरूरी दस्तावेज और परिवार के संपर्क नंबर रखे थे। बैग चोरी होने के बाद अभय पूरी तरह परेशान हो गया। उसके पास पैसे भी नहीं बचे थे और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के कारण वह अपने परिवार का नंबर भी याद नहीं कर पा रहा था। धीरे-धीरे वह मुंबई की सड़कों पर भटकने लगा।
अभय की कहानी सुनने के बाद सब-इंस्पेक्टर मनीषा कागल्कर ने तुरंत तामसा पुलिस स्टेशन से संपर्क किया। पुलिस ने अभय की जानकारी साझा की और उसके परिवार के बारे में पता लगाना शुरू किया। जांच के दौरान पता चला कि अभय के लापता होने की शिकायत पहले से दर्ज थी। परिवार पिछले कई महीनों से उसकी तलाश कर रहा था। जैसे ही मलाड पुलिस ने अभय के पिता से संपर्क किया और बताया कि उनका बेटा सुरक्षित मिल गया है, फोन पर उनकी आवाज भर आई। उन्हें विश्वास ही नहीं हो रहा था कि उनका बेटा जिंदा है और सुरक्षित हालत में पुलिस स्टेशन में बैठा है।
कुछ घंटों बाद मलाड पुलिस स्टेशन में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर दिया। अभय के पिता जैसे ही थाने पहुंचे और उन्होंने अपने बेटे को देखा, वो खुद को रोक नहीं पाए। उन्होंने अभय को गले से लगा लिया और फूट-फूट कर रोने लगे। महीनों से बिछड़े पिता और बेटे का यह मिलन देखकर पुलिसकर्मियों की आंखें भी नम हो गईं।
इस घटना ने यह साबित कर दिया कि पुलिस सिर्फ कानून व्यवस्था संभालने का काम नहीं करती, बल्कि कई बार इंसानियत की सबसे बड़ी मिसाल भी बन जाती है। अगर मलाड पुलिस चाहती तो अभय को सिर्फ एक भिखारी समझकर आगे बढ़ सकती थी, लेकिन पुलिसकर्मियों ने उसकी हालत को समझा और मदद का हाथ बढ़ाया।
Location : Mumbai
Published : 23 May 2026, 3:22 PM IST