सिर पे मुकुट, हाथों में चक्र; सिंहासन पर विराजे लालबागचा राजा, झलक देख हो जाएंगे दीवाने, देखें मोहक तस्वीरें

लालबागचा राजा पंडाल ने गणेश चतुर्थी 2025 में बैंगनी धोती और तिरूपति बालाजी के मुकुट थीम के साथ बप्पा का राजसी रूप प्रस्तुत किया है। यह पंडाल अपनी मान्यता और भव्यता के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 27 August 2025, 2:46 PM IST
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Mumbai: गणेश चतुर्थी हर साल हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार होता है, जिसकी धूम पूरे भारत में देखने को मिलती है महाराष्ट्र खासकर। मुंबई इस त्योहार के जश्न का केंद्र मानी जाती है। मुंबई के लालबागचा राजा पंडाल को पूरे देश में एक विशिष्ट स्थान प्राप्त है, जहां हर साल भक्तों की भारी भीड़ दर्शन के लिए उमड़ती है। इस साल लालबागचा राजा ने गणेश चतुर्थी 2025 में भक्तों को बप्पा का एक भव्य और राजसी रूप दिखाया, जिसने सबका मन मोह लिया।

इस साल कैसा है बप्पा रूप?

2025 में लालबागचा राजा पंडाल में विराजमान गणेश भगवान की पहली झलक ने भक्तों के दिलों को छू लिया। इस साल बप्पा ने बैंगनी रंग की धोती पहन रखी है, जो एक खास भव्यता और गरिमा दर्शाती है। उनके सिर पर ताजधारी मुकुट है, जो राजसी लुक को और भी निखारता है। हाथों में चक्र लिए बप्पा सच में एक राजा की तरह दिखाई दे रहे हैं।

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इस बार पंडाल की थीम तिरूपति बालाजी के मुकुट पर आधारित है। पूरे मंडप को एक महल की तरह सजाया गया है, जहां बप्पा 14 फुट ऊंचे स्वर्ण सिंहासन पर विराजमान हैं। यह न सिर्फ उनकी भव्यता को दर्शाता है, बल्कि भक्तों को एक राजसी अनुभव भी देता है। इस साल का यह रूप बप्पा को एक शक्तिशाली और आध्यात्मिक राजा के रूप में प्रस्तुत करता है, जो भक्तों की इच्छाओं की पूर्ति करता है।

क्यों खास है लालबागचा राजा?

लालबागचा राजा पंडाल मुंबई में सबसे प्रसिद्ध और श्रद्धालु पंडालों में से एक है। यह केवल एक पूजा स्थल नहीं, बल्कि एक ऐसी धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान है, जहां भक्तों की आस्था जुड़ी हुई है। इस पंडाल की मान्यता इतनी प्रबल है कि दूर-दूर से लोग यहां दर्शन के लिए आते हैं। इसे नवसाचा गणपति, इच्छा पूर्ति गणेश और लालबाग के राजा के नाम से जाना जाता है।

यह पंडाल वर्षों से लोगों की मुरादें पूरी करने वाला माना जाता है। यहां सामान्य लोग ही नहीं, कई प्रसिद्ध हस्तियां भी शीश झुकाने आती हैं। पंडाल की स्थापना का इतिहास भी काफी रोचक है, जो इसकी महत्ता को और बढ़ाता है।

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लालबागचा राजा पंडाल का इतिहास

लालबागचा राजा पंडाल की स्थापना 1930 के दशक में हुई थी। तब से यह पंडाल लगातार भक्तों के बीच अपनी अलग पहचान बनाए हुए है। पंडाल का नाम लालबाग इलाके के नाम पर पड़ा, जहां यह स्थापित है। यह पंडाल हर साल गणेश चतुर्थी के मौके पर अपनी भव्य सजावट, विशाल मूर्ति और भक्तों के लिए विशेष प्रबंधों के कारण बहुत प्रसिद्ध है।

पंडाल की यह विशेषता है कि यहां गणेश भगवान की मूर्ति अलग-अलग थीम्स में सजाई जाती है, जो हर साल कुछ नया अनुभव प्रदान करती है। भक्त इस पंडाल में आकर न सिर्फ पूजा करते हैं, बल्कि भक्ति और श्रद्धा की भावना को भी महसूस करते हैं।

Location : 
  • Mumbai

Published : 
  • 27 August 2025, 2:46 PM IST

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