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पूजा घी और खाने वाले घी में अंतर (Img: AI Generated)
New Delhi: त्योहारों के मौसम में घरों और मंदिरों में पूजा-पाठ के लिए घी की मांग बढ़ जाती है। बाजार में खाने वाले घी के साथ पूजा और हवन के लिए इस्तेमाल होने वाला घी भी खूब बिकता है। दोनों की खुशबू और रंग कई बार एक जैसे लगते हैं, लेकिन जरूरी नहीं कि दोनों की सामग्री भी एक जैसी हो। ऐसे में अनजाने में पूजा वाला घी खाने में इस्तेमाल करना सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है।
खाने वाला असली घी दूध की मलाई या मक्खन से तैयार किया जाता है। यह खाद्य पदार्थ है और इसे निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा उतरना चाहिए। वहीं, पूजा के लिए बिकने वाले कुछ उत्पाद खाने के लिए बनाए ही नहीं जाते। इनमें वनस्पति तेल, मिनरल ऑयल, वैक्स या दूसरे अखाद्य पदार्थ हो सकते हैं। हालांकि, हर पूजा उत्पाद की सामग्री एक जैसी नहीं होती। इसलिए पैकेट पर लिखी जानकारी पढ़ना जरूरी है।
कई बार पूजा के लिए मिलने वाले उत्पादों में रंग और खुशबू इस तरह मिलाई जाती है कि वे असली घी जैसे लगें। ऐसे में केवल सूंघकर, छूकर या रंग देखकर यह तय करना मुश्किल है कि कोई उत्पाद खाने योग्य है या नहीं।
खरीदारी करते समय पैकेट पर सामग्री, निर्माता का नाम, इस्तेमाल का उद्देश्य और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी जानकारी जरूर देखें। अगर पैकेट पर ‘Not for Human Consumption’ लिखा है, तो इसका मतलब है कि वह उत्पाद इंसानों के खाने के लिए नहीं है।
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अखाद्य तेलों या रसायनों से बने उत्पादों को खाना गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकता है। इनके सेवन से पेट में दर्द, उल्टी, दस्त और पाचन संबंधी परेशानी हो सकती है। नुकसान की गंभीरता इस बात पर निर्भर करती है कि उत्पाद में कौन-से पदार्थ हैं और कितनी मात्रा में शरीर के भीतर गए हैं।
अगर किसी उत्पाद में औद्योगिक ट्रांस फैट या हानिकारक वसा मौजूद है, तो उसका नियमित सेवन खराब कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने और दिल की बीमारियों का खतरा बढ़ाने में योगदान दे सकता है। हालांकि, हर पूजा वाले उत्पाद में ट्रांस फैट होने का दावा सही नहीं होगा।
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उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की ओर से पूजा के नाम पर बिकने वाले गैर-खाद्य उत्पादों की पहचान स्पष्ट करने और भ्रामक लेबलिंग पर रोक लगाने के निर्देश दिए जाने की जानकारी सामने आई है। गैर-खाद्य उत्पादों पर ‘Not for Human Consumption’ जैसी चेतावनी उपभोक्ताओं को भ्रम से बचाने में मदद करती है।
पूजा के लिए अलग और खाने के लिए अलग उत्पाद खरीदें। केवल सस्ती कीमत या घी जैसी खुशबू देखकर कोई सामान न चुनें। अगर गलती से अखाद्य उत्पाद खा लिया है और तबीयत बिगड़ रही है, तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लें।
याद रखें: पूजा में इस्तेमाल होने वाला हर उत्पाद खाने योग्य नहीं होता। पैकेट पर लिखी जानकारी पढ़ना और सही इस्तेमाल करना आपकी सेहत की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।
Location : New Delhi
Published : 13 October 2026, 9:03 PM IST
Topics : Desi Ghee vs Puja Ghee Health Risks Puja Ghee