Weather Scientist: मौसम वैज्ञानिक कैसे बनें? जानिए कोर्स, पढ़ाई और करियर का पूरा रास्ता

मौसम वैज्ञानिक बनने के लिए 12वीं साइंस (PCM) जरूरी है। इसके बाद BSc या BTech इन Meteorology या Atmospheric Science जैसे कोर्स किए जा सकते हैं। इस क्षेत्र में मौसम, जलवायु परिवर्तन और आपदा प्रबंधन का अध्ययन होता है। पूरी प्रकिया को इस खबर में पढ़ें विस्तार से...

Updated : 21 May 2026, 11:53 AM IST
google-preferred

New Delhi: आज के समय में मौसम की सटीक जानकारी हर किसी के लिए बेहद जरूरी हो गई है। भारी बारिश, बाढ़, गर्मी, ठंड, चक्रवात और आंधी जैसी परिस्थितियों में मौसम वैज्ञानिकों की भूमिका और भी अहम हो जाती है। यही कारण है कि मौसम विज्ञान के क्षेत्र में करियर की मांग लगातार बढ़ रही है।

क्या होता है मौसम विज्ञान?

मौसम विज्ञान यानी Meteorology वायुमंडल का वैज्ञानिक अध्ययन है। इसमें मौसम की प्रक्रियाओं, जलवायु परिवर्तन, वायुमंडलीय संरचना और पृथ्वी की सतह के साथ उसके संबंधों का अध्ययन किया जाता है।

यह विषय केवल मौसम बताने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए प्राकृतिक बदलाव, कृषि, विमानन, पर्यावरण और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में भी महत्वपूर्ण विश्लेषण किया जाता है। मौसम वैज्ञानिक पृथ्वी के वातावरण में होने वाले बदलावों को समझकर भविष्य की परिस्थितियों का अनुमान लगाते हैं।

Education News: स्कूलों के संचालन की कमान अब अभिभावकों के पास; केंद्र सरकार ने जारी की SMC की नई गाइडलाइन

मौसम वैज्ञानिक बनने के लिए क्या पढ़ाई जरूरी?

मौसम वैज्ञानिक बनने के लिए छात्रों को सबसे पहले 12वीं कक्षा साइंस स्ट्रीम से पास करनी होती है। इसमें Physics, Chemistry और Mathematics जैसे विषयों का होना जरूरी माना जाता है।

हालांकि कुछ संस्थानों में बायोलॉजी के साथ भी प्रवेश मिलता है, लेकिन गणित और विज्ञान में मजबूत पकड़ होना बहुत जरूरी है। 12वीं के बाद छात्र मौसम विज्ञान या एटमॉस्फेरिक साइंस से जुड़े कोर्स कर सकते हैं। इसके लिए बीएससी, बीटेक और डिप्लोमा जैसे विकल्प उपलब्ध हैं।

उच्च पदों और रिसर्च के क्षेत्र में जाने के लिए पोस्ट ग्रेजुएशन और पीएचडी की पढ़ाई भी जरूरी होती है।

कौन-कौन से कोर्स कर सकते हैं स्टूडेंट?

मौसम विज्ञान के क्षेत्र में कई प्रकार के कोर्स उपलब्ध हैं, जिनमें छात्र अपनी रुचि के अनुसार चयन कर सकते हैं। प्रमुख कोर्स इस प्रकार हैं:

  • बीएससी इन मीटियोरोलॉजी
  • बीटेक इन मीटियोरोलॉजी
  • बीटेक इन एटमॉस्फेरिक साइंस
  • एमएससी इन मीटियोरोलॉजी
  • एमटेक इन मीटियोरोलॉजी
  • पीएचडी इन मीटियोरोलॉजी

इसके अलावा कुछ विशेष क्षेत्रों में भी अध्ययन किया जा सकता है जैसे फिजिकल मीटियोरोलॉजी, क्लाइमेट मीटियोरोलॉजी, एग्रीकल्चर मीटियोरोलॉजी, एविएशन मीटियोरोलॉजी, सैटेलाइट मीटियोरोलॉजी और डायनामिक मीटियोरोलॉजी।

Education News: अब नहीं चलेगा फर्जी नामांकन का खेल! यूपी बोर्ड ला रहा है ऑनलाइन हाजिरी का बड़ा सिस्टम

मौसम वैज्ञानिक का काम क्या होता है?

अक्सर लोग सोचते हैं कि मौसम वैज्ञानिक सिर्फ बारिश या गर्मी की जानकारी देते हैं, लेकिन उनका काम इससे कहीं अधिक व्यापक होता है।

मौसम वैज्ञानिक वायुमंडल, जलवायु परिवर्तन, चक्रवात, वायु दबाव, बारिश, धुंध, समुद्री गतिविधियों और पर्यावरणीय बदलावों पर गहन शोध करते हैं। वे सैटेलाइट डेटा और वैज्ञानिक मॉडल्स के आधार पर मौसम का विश्लेषण करते हैं।

फिजिकल मीटियोरोलॉजी में सौर ऊर्जा और वायुमंडलीय संरचना का अध्ययन किया जाता है। वहीं क्लाइमेटोलॉजी में लंबे समय तक जलवायु में होने वाले बदलावों का विश्लेषण किया जाता है। एग्रीकल्चर मीटियोरोलॉजी में फसलों पर मौसम के प्रभाव और कृषि उत्पादन पर अध्ययन किया जाता है।

 

Location :  New Delhi

Published :  21 May 2026, 11:53 AM IST

Related News

Advertisement