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प्रतीकात्मक छवि (Source: Pinterest)
New Delhi: सिक्किम के आर्थिक रूप से कमजोर, मेधावी छात्रों के लिए डॉक्टर और इंजीनियर बनने की राह अब आसान होने जा रही है। शिक्षक दिवस के खास मौके पर मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने 'सीएम-साथी' (CM-SAATHI) पहल की घोषणा की है। इस योजना का सीधा फायदा उन होनहार युवाओं को मिलेगा जो जेईई (JEE) और नीट (NEET) जैसी कठिन प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी तो करना चाहते हैं, लेकिन महंगी कोचिंग का खर्च उठाने में असमर्थ हैं।
सिक्किम सरकार ने इस मुहिम को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिष्ठित संस्थान IIT कानपुर के साथ हाथ मिलाया है। राज्य कैबिनेट से मंजूर हुई इस योजना के तहत चयनित अभ्यर्थियों को 2 महीने का गहन क्रैश कोर्स बिल्कुल मुफ्त कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि फीस की तंगी के कारण अब किसी भी काबिल छात्र की प्रतिभा घुटने नहीं टेकेगी।
प्रवेश परीक्षाओं के साथ-साथ राज्य सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए 'लॉन्च पैड' योजना का भी ऐलान किया है। इसके तहत आर्थिक रूप से कमजोर, अनाथ और दिव्यांग अभ्यर्थियों को केंद्र सरकार और पीएसयू (PSU) की परीक्षाओं की तैयारी, स्टडी मैटेरियल व यात्रा खर्च के लिए एकमुश्त 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
27 मई 2026 को पूरी तरह साक्षर (Fully Literate) घोषित हो चुके सिक्किम ने अब शिक्षा की गुणवत्ता को विश्वस्तरीय बनाने का लक्ष्य रखा है। मुख्यमंत्री तमांग के अनुसार, राज्य बजट का करीब 15 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर खर्च किया जा रहा है। सरकार का संकल्प है कि 2035 तक सिक्किम एक ऐसा एजुकेशन हब बने, जिससे स्थानीय छात्रों को बाहर न जाना पड़े बल्कि देश भर के बच्चे पढ़ने सिक्किम आएं। इसके साथ ही छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 'सिक्किम लाइफ स्किल्स करिकुलम' भी शुरू किया जाएगा।
Location : New Delhi
Published : 7 September 2026, 1:59 PM IST