Sanju Samson ने आलोचकों को दिया तूफानी अर्धशतक से जवाब; Vaibhav Sooryavanshi पर कही बड़ी बात

अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे टी20 में संजू सैमसन ने 22 गेंदों पर 57 रन की तूफानी पारी खेलकर आलोचकों को अपने अंदाज में जवाब दिया। सैमसन ने 7 चौके और 4 छक्के लगाए। मैच के बाद उन्होंने आलोचनाओं, वैभव सूर्यवंशी के साथ प्रतिस्पर्धा और IPL कप्तानी से मिले अनुभव पर खुलकर बात की।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 16 September 2026, 10:25 AM IST
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नई दिल्ली: अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टी20 में 10 रन बनाकर आउट होने वाले संजू सैमसन ने दूसरे मुकाबले में शानदार वापसी की। भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज ने तूफानी अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए महज 22 गेंदों पर 57 रन की पारी खेली। सैमसन ने 259.09 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए और अपनी पारी में 7 चौके तथा 4 छक्के लगाए। भारत ने यह मुकाबला 7 विकेट से अपने नाम किया।

सैमसन ने आलोचनाओं पर खुलकर की बात

मैच के बाद संजू सैमसन ने सोशल मीडिया और बाहर होने वाली आलोचनाओं को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने माना कि खिलाड़ी चाहकर भी बाहरी चर्चाओं से पूरी तरह अलग नहीं रह सकते। सैमसन ने कहा कि वह अपना वाईफाई बंद रखने की कोशिश करते हैं, लेकिन कभी-कभी कमेंट्स और वरिष्ठ खिलाड़ियों की प्रतिक्रियाएं उन तक पहुंच ही जाती हैं।

उन्होंने यह भी माना कि ऐसी बातें खिलाड़ियों को प्रभावित करती हैं, लेकिन जरूरी यह है कि खिलाड़ी अपनी सोच और तैयारी को लेकर स्पष्ट रहे।

बोले- हम रोबोट नहीं हैं

सैमसन ने कहा कि समय के साथ उन्होंने आलोचनाओं से निपटना सीखा है। उनके मुताबिक पहले ऐसी बातों का ज्यादा असर होता था, लेकिन अब उनके पास उन्हें संभालने के लिए पर्याप्त अनुभव है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि क्रिकेटर भी इंसान हैं और बाहरी बातों का असर होना स्वाभाविक है। सैमसन ने बताया कि अगर वह हर शॉट खेलने से पहले आउट होने और उसके बाद होने वाली आलोचना के बारे में सोचते रहें, तो खुलकर बल्लेबाजी नहीं कर पाएंगे।

वैभव सूर्यवंशी को नहीं मानते अपना प्रतिद्वंद्वी

भारतीय टी20 टीम में ओपनिंग स्लॉट को लेकर बढ़ती प्रतिस्पर्धा पर भी सैमसन ने अपनी राय रखी। 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी के शानदार प्रदर्शन के बाद ओपनिंग के लिए मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। हालांकि, सैमसन ने कहा कि वह सूर्यवंशी को ड्रेसिंग रूम में अपना प्रतिद्वंद्वी नहीं मानते।

उन्होंने कहा कि बाहर की दुनिया में सूर्यवंशी, अभिषेक शर्मा और अन्य खिलाड़ियों को एक-दूसरे का प्रतिस्पर्धी माना जा सकता है, लेकिन टीम के भीतर सभी खिलाड़ी भारत के लिए खेल रहे हैं। उनके लिए सबसे पहले टीम की जीत है और व्यक्तिगत प्रतिस्पर्धा उसके बाद आती है।

IPL कप्तानी ने सिखाया मुश्किल फैसलों को समझना

सैमसन ने IPL में कप्तानी के अपने अनुभव का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कप्तान के तौर पर उन्हें यह समझने का मौका मिला है कि टीम मैनेजमेंट के लिए खिलाड़ियों के बीच चयन करना कितना मुश्किल होता है।

उनके मुताबिक खिलाड़ियों को इस बात पर नकारात्मक सोच में नहीं जाना चाहिए कि किसी दूसरे खिलाड़ी को मौका क्यों मिला और उन्हें क्यों नहीं। इसके बजाय उन्हें अपने मौके के लिए तैयार रहना चाहिए और जब अवसर मिले तो मैदान पर प्रदर्शन करने पर ध्यान देना चाहिए।

Location :  New Delhi

Published :  16 September 2026, 10:24 AM IST

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