हिंदी
'ऑपरेशन सिंदूर' को लेकर नूरीन नियाजी का बड़ा दावा (सोर्स-एक्स)
New Delhi: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन नूरीन नियाजी ने एक इंटरव्यू में बेहद चौंकाने वाला दावा किया है। नूरीन नियाजी के मुताबिक, 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भारतीय मिसाइलों और हमलों के सामने पाकिस्तानी सेना पूरी तरह पस्त हो चुकी थी और सरेंडर करने की कगार पर थी। इस मुश्किल वक्त में अपनी जान बचाने के लिए पाकिस्तानी नेतृत्व ने अंतरराष्ट्रीय ताकतों के सामने घुटने टेक दिए थे।
नूरीन नियाजी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उन्होंने दावा किया कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक भीषण सैन्य टकराव चला था। इस टकराव में भारतीय सेना ने पाकिस्तान को बुरी तरह धोया था। भारत के लगातार हो रहे हमलों को रोकने में पाकिस्तानी सेना पूरी तरह नाकाम साबित हुई।
जब हालात हाथ से निकल गए, तो पाकिस्तानी सैन्य नेतृत्व घबरा गया। खुद को बचाने के लिए उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भारत के साथ समझौता कराने की भीख मांगी। नियाजी के अनुसार, इस दौरान अमेरिकी नेता डोनाल्ड ट्रंप ने भी पाकिस्तान के सामने कई सख्त शर्तें रख दी थीं।
यह भी पढ़ें-CJP Protest: गंभीर स्वास्थ्य समस्या से ग्रस्त अभिजीत दिपके के सामने आई कई चुनौतियां; कैसे चलेगी भूख हड़ताल…?
इस पूरे विवाद में सबसे बड़ा और हैरान करने वाला दावा इजरायल को लेकर किया गया है। इमरान खान की बहन ने कहा कि भारत इस युद्ध को और आगे बढ़ा सकता था और पाकिस्तान को पूरी तरह तबाह कर सकता था, लेकिन भारत ने इजरायल के कहने पर ऐसा नहीं किया।
नूरीन ने दावा किया कि उस समय इस्लामाबाद (पाकिस्तान) पर्दे के पीछे से इजरायल को एक देश के रूप में मान्यता देने की दिशा में आगे बढ़ रहा था। इसी वजह से इजरायल के दखल देने पर भारत ने पाकिस्तान को बख्श दिया और जंग को आगे नहीं बढ़ाया। हालांकि, इस दावे के समर्थन में उन्होंने कोई पुख्ता सबूत पेश नहीं किया।
यह भी पढ़ें-तहसीलदार की रिपोर्ट के बाद हरकत में आया प्रशासन, भेड़िहारी के दरकते ठोकरो पर पहुंचे डीएम गौरव सिंह सोगरवाल
नूरीन नियाजी ने पाकिस्तान के मौजूदा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर पर जमकर भड़ास निकाली। उन्होंने आरोप लगाया कि युद्ध में बुरी तरह हारने और बैकफुट पर आने के बावजूद, ये दोनों नेता पाकिस्तानी जनता के सामने झूठी जीत की कहानियां गढ़ रहे हैं और अपनी अवाम को गुमराह कर रहे हैं।
नियाजी ने इस पूरे सैन्य अभियान को एक सोची-समझी साजिश करार दिया। उनका आरोप है कि यह टकराव पाकिस्तान के सैन्य नेतृत्व और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच मिलीभगत का नतीजा था। नूरीन के मुताबिक, जनरल आसिम मुनीर के नेतृत्व में पाकिस्तानी सेना की गिरती छवि को जनता के सामने मजबूत और बेहतर दिखाने के लिए इस पूरे ड्रामे को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया था।
Location : New Delhi
Published : 19 July 2026, 12:57 PM IST