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पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि इस्राइली हमलों में ईरान के शीर्ष परमाणु वैज्ञानिक मारे गए हैं। साथ ही ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को आईआरजीसी की कठपुतली बताया है। हालांकि ईरान की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Image Source: Internet)
New Delhi: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि इजरायल द्वारा किए गए हालिया हमलों में ईरान के कई शीर्ष परमाणु वैज्ञानिक मारे गए हैं। एक संवाददाता सम्मेलन में नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल का लक्ष्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को कमजोर करना है। उनके मुताबिक, इन वैज्ञानिकों की मौत से ईरान की परमाणु क्षमताओं को बड़ा झटका लगा है।
इजरायली प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में सैन्य तनाव लगातार बढ़ रहा है। पिछले दो सप्ताह से जारी हमलों और जवाबी कार्रवाई के कारण पूरे पश्चिम एशिया में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। हालांकि ईरान की ओर से अब तक इस दावे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। माना जा रहा है कि तेहरान जल्द ही इन आरोपों का खंडन कर सकता है या फिर जवाबी कार्रवाई की घोषणा कर सकता है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नेतन्याहू ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने मोजतबा को इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी इस्लामी क्रांतिकारी गार्ड कोर की कठपुतली बताया। नेतन्याहू ने कहा कि ईरान का नया नेतृत्व स्वतंत्र रूप से फैसले लेने में सक्षम नहीं है और देश की वास्तविक ताकत आईआरजीसी के हाथों में है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मोजतबा सार्वजनिक रूप से सामने आने से बच रहे हैं।
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इजरायली प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी उस समय आई जब कुछ घंटों पहले ही ईरान के सरकारी टेलीविजन पर मोजतबा खामेनेई का पहला संदेश प्रसारित किया गया था। इस बयान में मोजतबा ने कहा था कि ईरान अपने दुश्मनों के खिलाफ हमले जारी रखेगा और अपने शहीदों की मौत का बदला लेगा।
फिलहाल ईरान की सरकार या सेना की ओर से नेतन्याहू के दावों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि तेहरान जल्द ही इन आरोपों का जवाब दे सकता है। सूत्रों के अनुसार, मोजतबा खामेनेई ने अपने संदेश में कहा कि ईरान अपने पड़ोसी देशों के साथ दोस्ताना संबंध चाहता है, लेकिन अपने दुश्मनों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगा।
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उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान अब केवल अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना रहा है और जब तक खतरा खत्म नहीं होता, तब तक हमले जारी रहेंगे। इसके अलावा उन्होंने होरमुज़ जलसंधि को बंद रखने की रणनीति पर भी जोर दिया। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस का परिवहन होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही बाधित होती है, तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ सकता है।
पिछले 14 दिनों से जारी इस संघर्ष ने पहले ही पूरी दुनिया में तेल और गैस की कीमतों को प्रभावित किया है। ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में यह टकराव और बढ़ेगा या फिर कूटनीतिक प्रयासों से हालात को शांत किया जा सकेगा।