
नेपाल में कुदरत का कहर
Kathmandu: नेपाल में आई जलप्रलय से मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इस प्राकृतिक आपदा में अभी तक करीब 579 से अधिक लोगों की मौत हुई है जबकि 1900 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। इनमें करीब 30 देशों के नागरिक शामिल हैं। भारत के कई पर्यटकों ने सुरक्षित स्वदेश वापसी के बाद राहत की सांस ली। हालांकि, उन्होंने जलप्रलय और बाढ़ की विभीषिका पर रोंगटे खड़े करने वाले विवरण साझा किए हैं।
नेपाल के भीषण सैलाब के 72 घंटे बीतने के बाद भी भारत के कम से कम 320 नागरिकों का कोई पता नहीं चल पाया है। वहीं, नेपाल में 85 भारतीय पर्यटक भी बचाए गए हैं।
नेपाल की जलप्रलय में सैकड़ों परिवारों को कभी न भूलने वाला जख्म मिला है। भारत के कई परिवार अब भी अपने स्वजनों की कुशलता के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। इसी बीच कई लोगों को सुरक्षित वापस लाने में सफलता मिली है। तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश से नेपाल गए लोगों ने सुरक्षित स्वदेश वापस लौटने के बाद राहत की सांस ली।
अपनी सरजमीं पर पहुंचने के बाद इन लोगों ने नेपाल में तबाही का मंजर और बाढ़ के समय की आंखों-देखी बयां की। सिहरन पैदा करने वाले खौफनाक ब्यौरा सुनने के बाद उन लोगों का कलेजा कांप उठा। उन्होंने कहा कि तबाही का ऐसा मंजर उन्होंने पहली बार देखा। उनके सामने साक्षात मौत खड़ी थी। उन्होंने अपनी पास आती मौत को करीब से देखा।
उन्होंने बताया कि कुदरत का रोद्र रूप ऐसे था कि बड़ी-बड़ी इमारते तिनके की तरह पानी में बह रही थी। भाग्यवश वे लोग बच गए।
दरअसल, नेपाल में 30+ देशों के 1900 से अधिक लोग लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। भारत के अलावा, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, मलयेशिया, चीन समेत कई अन्य देशों के नागरिक भी अपने परिजनों की आस में बैठे हैं।
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक, तबाही की शुरुआत ग्लेशियर के टूटने से हुई। बर्फ, चट्टान, मिट्टी और मलबे का विशाल ढेर अचानक नीचे की ओर आया और हिमालय की नदियों में भारी मात्रा में पानी और मलबा पहुंच गया।
इस तेज बहाव ने रास्ते में आने वाली सड़कें, पुल और दूसरी संरचनाएं तबाह कर दीं।कई जगह पूरे इलाके मोटी मिट्टी और मलबे के नीचे दब गए लेकिन खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है।
बाढ़ के बाद मलबे ने कई जगह नदियों का रास्ता रोक दिया, जिससे बैरियर लेक यानी मलबे से बनी झीलें तैयार हो गईं। इनमें पानी लगातार जमा हो रहा है। शुक्रवार को ऐसी ही एक झील के ओवरफ्लो होने से रेस्क्यू अभियान कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ। नेपाल पुलिस को तिब्बत की तरफ बांध टूटने की सूचना मिली, जिसके बाद बचावकर्मियों को तुरंत सुरक्षित जगह जाने को कहा गया।
Location : Kathmandu
Published : 29 August 2026, 6:22 AM IST