Nepal Flood: नेपाल बाढ़ से बचकर आए भारतीयों ने सुनाई रोंगटे खड़े करने वाली आपबीती

नेपाल में भीषण बाढ़ के कारण हालात गंभीर बने हुए हैं। बाढ़ से मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कई लोग लापता हैं। जिसमें भारतीय पर्यटक भी शामिल हैं। नेपाल की सरकार द्वारा युद्ध स्थर पर बचाव और राहत के कार्य जारी हैं।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 29 August 2026, 6:32 AM IST

Kathmandu: नेपाल में आई जलप्रलय से मौत का आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है। इस प्राकृतिक आपदा में  अभी तक करीब 579 से अधिक लोगों की मौत हुई है जबकि 1900 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। इनमें करीब 30 देशों के नागरिक शामिल हैं। भारत के कई पर्यटकों ने सुरक्षित स्वदेश वापसी के बाद राहत की सांस ली। हालांकि, उन्होंने जलप्रलय और बाढ़ की विभीषिका पर रोंगटे खड़े करने वाले विवरण साझा किए हैं।

नेपाल के भीषण सैलाब के 72 घंटे बीतने के बाद भी भारत के कम से कम 320 नागरिकों का कोई पता नहीं चल पाया है। वहीं, नेपाल में 85 भारतीय पर्यटक भी बचाए गए हैं।

नेपाल की जलप्रलय में सैकड़ों परिवारों को कभी न भूलने वाला जख्म मिला है। भारत के कई परिवार अब भी अपने स्वजनों की कुशलता के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। इसी बीच कई लोगों को सुरक्षित वापस लाने में सफलता मिली है। तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश से नेपाल गए लोगों ने सुरक्षित स्वदेश वापस लौटने के बाद राहत की सांस ली।

नेपाल की तबाही का असर अब महराजगंज में दिखने लगा? गंडक-रोहिन का बढ़ा जलस्तर, जानें नदियों का ताजा हाल

बयां किया तबाही का मंजर

अपनी सरजमीं पर पहुंचने के बाद इन लोगों ने नेपाल में तबाही का मंजर और बाढ़ के समय की आंखों-देखी बयां की। सिहरन पैदा करने वाले खौफनाक ब्यौरा सुनने के बाद उन लोगों का कलेजा कांप उठा।  उन्होंने कहा कि तबाही का ऐसा मंजर उन्होंने पहली बार देखा। उनके सामने साक्षात मौत खड़ी थी। उन्होंने अपनी पास आती मौत को करीब से देखा।

उन्होंने बताया कि कुदरत का रोद्र रूप ऐसे था कि बड़ी-बड़ी इमारते तिनके की तरह पानी में बह रही थी। भाग्यवश वे लोग बच गए।

30+ देशों के 1900 से अधिक लोग लापता

दरअसल, नेपाल में 30+ देशों के 1900 से अधिक लोग लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। भारत के अलावा, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, मलयेशिया, चीन समेत कई अन्य देशों के नागरिक भी अपने परिजनों की आस में बैठे हैं।

इतनी भयानक बाढ़ कैसे आई?

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक, तबाही की शुरुआत ग्लेशियर के टूटने से हुई। बर्फ, चट्टान, मिट्टी और मलबे का विशाल ढेर अचानक नीचे की ओर आया और हिमालय की नदियों में भारी मात्रा में पानी और मलबा पहुंच गया।

इस तेज बहाव ने रास्ते में आने वाली सड़कें, पुल और दूसरी संरचनाएं तबाह कर दीं।कई जगह पूरे इलाके मोटी मिट्टी और मलबे के नीचे दब गए लेकिन खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है।

Nepal Flash Flood: नेपाल बाढ़ का ट्रेनों पर असर, समस्तीपुर रेल मंडल में ट्रैक और पुलों की निगरानी तेज; जानिये पूरा अपडेट

ऊपर पहाड़ों में फिर जमा हो रहा पानी

बाढ़ के बाद मलबे ने कई जगह नदियों का रास्ता रोक दिया, जिससे बैरियर लेक यानी मलबे से बनी झीलें तैयार हो गईं। इनमें पानी लगातार जमा हो रहा है। शुक्रवार को ऐसी ही एक झील के ओवरफ्लो होने से रेस्क्यू अभियान कुछ समय के लिए प्रभावित हुआ। नेपाल पुलिस को तिब्बत की तरफ बांध टूटने की सूचना मिली, जिसके बाद बचावकर्मियों को तुरंत सुरक्षित जगह जाने को कहा गया।

 

Location :  Kathmandu

Published :  29 August 2026, 6:22 AM IST