देश में एलपीजी संकट के बीच बड़ी राहत की खबर सामने आई है। रसोई गैस से लदे दो बड़े जहाज होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर बढ़ रहे हैं और जल्द बंदरगाहों पर पहुंचेंगे। सरकार ने घरेलू उत्पादन भी बढ़ाया है।

एलपीजी टैंकर शिप (Image Source: Google)
New Delhi: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत की खबर आई है। रसोई गैस (एलपीजी) से लदे दो बड़े जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर बढ़ रहे हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, ये जहाज अगले दो दिनों में देश के प्रमुख बंदरगाहों पर पहुंच जाएंगे, जिससे गैस आपूर्ति में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने जानकारी दी कि 47,600 टन एलपीजी से लदा जहाज ‘जग वसंत’ 26 मार्च की शाम तक कांडला बंदरगाह पहुंचेगा, जबकि 45,000 टन एलपीजी लेकर ‘पाइन गैस’ जहाज 27 मार्च की सुबह मंगलौर बंदरगाह पर पहुंचेगा। इन दोनों जहाजों में कुल मिलाकर करीब 93 हजार टन एलपीजी है, जो देश की एक दिन की खपत के बराबर मानी जा रही है।
एलपीजी संकट से निपटने के लिए सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। पश्चिम एशिया में तनाव के कारण आयात प्रभावित होने के बाद आठ मार्च को सभी रिफाइनरियों को अधिकतम एलपीजी उत्पादन का निर्देश दिया गया था। इसका असर यह हुआ कि घरेलू उत्पादन में लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
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अब देश में प्रतिदिन एलपीजी उत्पादन 48 हजार टन से अधिक हो गया है, जो पहले करीब 35 हजार टन था। इस अतिरिक्त उत्पादन को पूरी तरह घरेलू उपभोक्ताओं, यानी रसोई गैस सिलेंडरों के लिए उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया से खरीदे गए एलपीजी जहाज भी अगले सात से दस दिनों में भारत पहुंचने वाले हैं।
सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार बना रहे। सभी रिफाइनरियां फिलहाल उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं, जिससे ईंधन आपूर्ति में कोई बाधा न आए।
एलपीजी की बढ़ती मांग के बीच सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ा रुख अपनाया है। देशभर में अब तक 642 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 155 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पिछले 24 घंटों में करीब 3,400 स्थानों पर छापेमारी कर लगभग 1,000 सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
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सरकार ने साफ किया है कि किसी भी पेट्रोल पंप पर कोई कमी नहीं है और सभी रिटेल आउटलेट सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। साथ ही उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे घबराकर ज्यादा बुकिंग न करें और केवल जरूरत के अनुसार ही सिलेंडर बुक करें। 25 दिन का बुकिंग गैप बनाए रखने की सलाह भी दी गई है ताकि जमाखोरी रोकी जा सके।
हालांकि होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में अभी भी 20 भारतीय जहाज फंसे हुए हैं, जिनमें 540 नाविक सवार हैं, लेकिन वे सभी सुरक्षित बताए गए हैं। सरकार का कहना है कि जल्द ही बाकी जहाजों के भी सुरक्षित निकलने की संभावना है।