जयशंकर का वैश्विक मंच से हुंकार: सिर्फ इलाज नहीं, अब आतंकवाद की आर्थिक रीढ़ तोड़ेगा भारत; दुनिया को दिया नया मंत्र

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने वैश्विक मंच से आतंकवाद, समुद्री सुरक्षा और AI के खतरों पर भारत का नया रुख साफ किया है। उन्होंने आतंकवाद की फंडिंग रोकने और तकनीक के जिम्मेदार उपयोग के लिए 'MANAV' फ्रेमवर्क की वकालत करते हुए बड़ा संदेश दिया।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 14 July 2026, 10:52 AM IST
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New Delhi: वैश्विक अस्थिरता और तेजी से बदलते सुरक्षा समीकरणों के बीच भारत ने एक बार फिर दुनिया को दिशा दिखाने का काम किया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अंतरराष्ट्रीय मंच से साफ कर दिया है कि दुनिया अब तक जिन चुनौतियों से कतराती रही है, भारत अब उन पर सीधे वार करने की तैयारी में है।

आतंकवाद से लेकर समंदर की सुरक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उभरते खतरों तक भारत ने एक ऐसा चौतरफा सुरक्षा घेरा (ब्लूप्रिंट) पेश किया है, जो दुनिया के बड़े देशों को नए सिरे से सोचने पर मजबूर कर देगा।

आतंकियों के पॉकेट पर सीधा वार

विदेश मंत्री ने वैश्विक कूटनीति की सबसे बड़ी कमजोरी पर उंगली उठाते हुए कहा कि दुनिया अब तक आतंकवाद के केवल लक्षणों से लड़ती आई है, जबकि उसकी जड़ें जस की तस हैं। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि कोई भी आतंकी संगठन तब तक जिंदा नहीं रह सकता जब तक उसे पैसा मिलता रहे।

भारत की प्राथमिकता अब आतंकियों के आर्थिक और वित्तीय नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने की है। इसके लिए भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में ठोस और साक्ष्यों पर आधारित प्रस्तावों के जरिए आतंकी सरगनाओं को ब्लैकलिस्ट कराने की मुहिम को और तेज करेगा।

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ग्लोबल सप्लाई चेन की सुरक्षा

आज के दौर में दुनिया की अर्थव्यवस्था पूरी तरह से समुद्री रास्तों और सप्लाई चेन पर टिकी हुई है। जयशंकर ने हालिया संकटों का हवाला देते हुए चेताया कि अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्ग सुरक्षित नहीं रहे तो पूरी दुनिया ठप हो जाएगी।

उन्होंने बताया कि भारत केवल उपदेश नहीं दे रहा, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में अपने 'इंटरनेशनल फ्यूजन सेंटर' के जरिए एक मजबूत सुरक्षा कवच का संचालन कर रहा है। समुद्री डकैती को रोकने और आपदाओं में सबसे पहले मदद पहुंचाने में भारत की भूमिका अब वैश्विक लीडर की हो चुकी है।

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AI पर भारत का MANAV फ्रेमवर्क

सिर्फ जमीन और समंदर ही नहीं, भारत ने डिजिटल दुनिया के सबसे बड़े खतरे यानी AI को लेकर भी दुनिया को आगाह किया है। जयशंकर ने कहा कि AI जहां असीम अवसर दे रहा है, वहीं यह संप्रभुता के लिए नया सिरदर्द भी बन सकता है। इसके समाधान के लिए भारत ने 'MANAV' फ्रेमवर्क दुनिया के सामने रखा है।

Location :  New Delhi

Published :  14 July 2026, 10:52 AM IST

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