Israel Lebanon Ceasefire: इजरायल-लेबनान में शांति की उम्मीद बरकरार, 45 दिनों के लिए बढ़ा सीजफायर

पश्चिम एशिया से राहत भरी खबर है। वाशिंगटन में हुई दो दिनों की सार्थक वार्ता के बाद इजरायल और लेबनान 45 दिनों के लिए सीजफायर बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने इसकी पुष्टि की है। जानिए क्या हैं इसके मायने

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 16 May 2026, 7:54 AM IST
google-preferred

Washington: पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी भारी तनाव और संघर्ष के बीच आखिरकार एक बेहद राहत भरी और अच्छी खबर सामने आई है। इस अशांत क्षेत्र के दो प्रमुख देशों, इजरायल और लेबनान के बीच जारी सीजफायर (युद्धविराम) को और आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया है।

दोनों ही देश आपसी सहमति से इस अस्थिर युद्धविराम को अगले 45 दिनों के लिए और विस्तार देने पर राजी हो गए हैं। इस महत्वपूर्ण समझौते को लेकर अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन में दोनों पक्षों के बीच उच्च स्तरीय और गंभीर बातचीत हुई थी।

वाशिंगटन में दो दिनों तक चली सार्थक बातचीत

इस सीजफायर को बढ़ाने के पीछे अमेरिकी मध्यस्थता की बड़ी भूमिका रही है। अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगोट ने इस पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि वाशिंगटन में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच दो दिनों तक अत्यंत सार्थक और सकारात्मक बातचीत चली। इस मैराथन चर्चा के बाद ही इजरायल और लेबनान 45 दिनों के अतिरिक्त युद्धविराम के लिए सहमत हुए।

सीजफायर पर Trump का बड़ा बयान… बोले-“ईरान का शांति प्रस्ताव कचरा है”

दरअसल इजरायल और लेबनान के हिजबुल्लाह आतंकवादी समूह के बीच जारी यह अस्थिर शांति संधि इसी रविवार को समाप्त होने वाली थी। ऐसे में ऐन वक्त पर समय सीमा बढ़ाए जाने से एक बड़े सैन्य टकराव को टाल दिया गया है। अमेरिकी प्रवक्ता ने यह भी साफ किया कि इस सिलसिले में अगली महत्वपूर्ण बातचीत आगामी 2 और 3 जून को आयोजित की जाएगी।

स्थायी शांति की ओर कदम

अमेरिकी विदेश विभाग इस अस्थाई युद्धविराम को एक बड़े और स्थायी समझौते के रूप में देख रहा है। टॉमी पिगोट ने सोशल मीडिया पर इस कूटनीतिक सफलता की सराहना करते हुए लिखा, "हमें पूरी उम्मीद है कि ये आगामी चर्चाएं दोनों देशों के बीच स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त करेंगी। साथ ही यह एक-दूसरे की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता की पूर्ण मान्यता और उनकी साझा सीमा पर वास्तविक व ठोस सुरक्षा की स्थापना को बढ़ावा देने में मददगार साबित होगी।"

ईरान को लेकर अभी भी तनाव बरकरार

लेबनान मोर्चे पर राहत के बावजूद, पश्चिम एशिया में ईरान को लेकर स्थिति अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच कूटनीतिक व सैन्य टेंशन लगातार बरकरार है। हालांकि, इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एक बड़ा बयान सामने आया है। ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने पाकिस्तान के प्रति अपनी सद्भावना प्रदर्शित करने के लिए ईरान के साथ सीजफायर पर अपनी सहमति जताई है। इसके साथ ही उन्होंने ईरान पर भविष्य में किसी भी तरह की और बमबारी करने से साफ इनकार कर दिया है।

सीजफायर की उड़ी धज्जियां! ईरान में अमेरिका की केशम पोर्ट और बंदर अब्बास पर एयरस्ट्राइक

गौरतलब है कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच इस साल 28 फरवरी को भीषण युद्ध शुरू हुआ था। इसके बाद, पिछले महीने 8 अप्रैल को हमलों पर उस वक्त रोक लगा दी गई थी जब सभी युद्धरत पक्ष पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद एक युद्धविराम समझौते पर सहमत हुए थे। फिलहाल लेबनान सीमा पर बढ़े इस सीजफायर ने दुनिया को बड़ी राहत दी है।

Location :  Washington

Published :  16 May 2026, 7:54 AM IST

Advertisement