पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हालिया हमलों के बाद प्रतिबंधित संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने दो महिला आत्मघाती हमलावरों की तस्वीरें और वीडियो जारी किए हैं। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, इन हमलों में शिक्षित, Gen-Z उम्र की महिलाओं की भूमिका सामने आई है। घटनाक्रम को विद्रोही रणनीति में अहम बदलाव माना जा रहा है, जबकि सुरक्षा बलों ने जवाबी अभियान तेज कर दिया है।
New Delhi: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हुए हालिया बड़े हमलों के बाद प्रतिबंधित संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने दो महिला आत्मघाती हमलावरों की तस्वीरें सार्वजनिक की हैं। संगठन का दावा है कि ये हमले उसके ‘हेरोफ’ (काला तूफान) अभियान के दूसरे चरण का हिस्सा थे, जिनमें सुरक्षा बलों और खुफिया प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, दोनों महिलाएं हमले से पहले शिक्षित थी और युवावस्था में संगठन से जुड़ी। विश्लेषकों का मानना है कि महिला आत्मघाती हमलावरों का उपयोग विद्रोही रणनीति में बदलाव और संघर्ष के सामाजिक विस्तार की ओर संकेत करता है। यह घटनाक्रम सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती माना जा रहा है।
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एक महिला हमलावर की पहचान 24 वर्षीय आसिफा मेंगल के रूप में बताई गई है, जो नुश्की जिले की निवासी बताई जा रही है। BLA के अनुसार, उसका जन्म अक्टूबर 2002 में हुआ था और उसने हाल के वर्षों में संगठन की विशेष आत्मघाती इकाई में शामिल होने का निर्णय लिया। दावा है कि उसने नुश्की क्षेत्र में खुफिया एजेंसी से जुड़े एक ठिकाने को निशाना बनाया।
दूसरी महिला हमलावर हवा बलूच का एक वीडियो भी संगठन ने जारी किया है, जिसमें वह कथित तौर पर हमले से पहले सशस्त्र विद्रोहियों के साथ दिखाई देती है। वीडियो में वह बलूची भाषा में बयान देती हुई पाकिस्तानी सरकार पर आरोप लगाती है और बलूच समुदाय से विद्रोहियों के समर्थन की अपील करती है। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो और तस्वीरों की स्वतंत्र पुष्टि की जा रही है।
शुक्रवार रात से शनिवार तक चले हमलों में कम से कम 17 सुरक्षाकर्मियों सहित करीब 50 लोगों के मारे जाने की खबर मिली। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पुष्टि की कि दो अलग-अलग घटनाओं में महिला आत्मघाती हमलावर शामिल थीं।
हमलों के बाद सुरक्षा बलों ने व्यापक जवाबी अभियान शुरू किया, जो लगभग 40 घंटे तक चला। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने दावा किया कि कार्रवाई में 140 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया है। उन्होंने कहा कि खुफिया एजेंसियों को बड़े हमलों की आशंका पहले से थी, इसी आधार पर सुरक्षा व्यवस्था को अलर्ट पर रखा गया था।
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विशेषज्ञों के अनुसार, महिला फिदायीन की भागीदारी से संघर्ष की प्रकृति और सुरक्षा आकलन दोनों बदल रहे हैं। क्षेत्र में तनाव बना हुआ है और आने वाले दिनों में सुरक्षा उपाय और कड़े किए जाने की संभावना जताई जा रही है।