69 साल तक कहां गायब रहा करोड़ का शाही टियारा? 1957 में टूटी कड़ी, अब नीलामी में खुलेगा इतिहास का पन्ना

करीब 164 साल पुराना एक हीरों का टियारा इन दिनों चर्चा में है। कभी फ्रांस के शाही परिवार की शादी में तोहफे के रूप में दिया गया यह बेशकीमती आभूषण 1957 के बाद रहस्यमय तरीके से नजरों से ओझल हो गया था

Updated : 20 October 2026, 7:04 PM IST
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New Delhi: करीब 164 साल पुराना एक हीरों का टियारा इन दिनों चर्चा में है। कभी फ्रांस के शाही परिवार की शादी में तोहफे के रूप में दिया गया यह बेशकीमती आभूषण 1957 के बाद रहस्यमय तरीके से नजरों से ओझल हो गया था। अब लगभग 69 साल बाद यह एक निजी संग्रह से सामने आया है और नवंबर में इसकी नीलामी होने जा रही है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 13 करोड़ रुपये तक बताई जा रही है। हालांकि, इतने दशकों तक यह कहां रहा और किस तरह दोबारा सामने आया, इसकी पूरी कहानी अब भी सार्वजनिक रूप से स्पष्ट नहीं है।

1862 में तैयार हुआ था टियारा, दो साल बाद शाही शादी में मिला तोहफा

इस ऐतिहासिक आभूषण का नाम Mellerio Orléans Tiara है। इसे पेरिस के प्रतिष्ठित ज्वेलर Mellerio dits Meller ने 1862 में लंदन इंटरनेशनल एग्जीबिशन के लिए तैयार किया था। उस दौर में यूरोप में प्राचीन ग्रीक और रोमन कला से प्रेरित डिजाइन लोकप्रिय थे। इसी प्रभाव को इस टियारा में भी देखा जा सकता है।

1864 में एंटोइन डी'ऑरलियन्स, ड्यूक ऑफ मोंटपेंसियर ने इसे अपनी बेटी मैरी इसाबेल डी'ऑरलियन्स को शादी के तोहफे के रूप में दिया। मैरी इसाबेल की शादी फिलिप डी'ऑरलियन्स से हुई थी, जिन्हें काउंट ऑफ पेरिस के नाम से जाना जाता था। वह फ्रांस के राजसिंहासन पर ऑरलियन्स परिवार के दावे से जुड़े प्रमुख व्यक्ति थे।

डिजाइन ऐसा कि टियारा को हार की तरह भी पहन सकते हैं

इस आभूषण की खासियत सिर्फ इसमें जड़े हीरे नहीं, बल्कि इसका डिजाइन भी है। इसमें पुराने माइन-कट और रोज-कट हीरों का इस्तेमाल किया गया है। इसका पैटर्न ग्रीक की-स्टाइल यानी मेअंडर डिजाइन से प्रेरित है, जिसमें ज्यामितीय आकृतियां एक-दूसरे से जुड़ी दिखाई देती हैं।

इस टियारा को जरूरत के अनुसार नेकलेस यानी हार के रूप में भी पहना जा सकता है। यही बहुउपयोगी डिजाइन इसे ऐतिहासिक और आभूषण-कला के लिहाज से खास बनाता है।

1957 में ऐसा क्या हुआ कि टियारा गायब हो गया?

इस कहानी का सबसे रहस्यमय हिस्सा 1957 से जुड़ा है। मैरी इसाबेल की मृत्यु 1919 में हुई थी। इसके बाद टियारा उनके छोटे बेटे फर्डिनेंड, ड्यूक ऑफ मोंटपेंसियर के पास पहुंचा। फर्डिनेंड की मृत्यु के बाद यह उनकी पत्नी मारिया इसाबेल गोंजालेज डी ओलानेटा ई इबारेटा के पास रहा।

1957 में उनकी मृत्यु के बाद परिवार को पता चला कि उन्होंने अपने निजी सचिव से गुप्त रूप से शादी की थी और अपनी संपत्ति उसके नाम कर दी थी। इसके बाद टियारा का पता नहीं चला। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, यह उसी समय के आसपास गायब हुआ और दशकों तक सार्वजनिक नजरों से दूर रहा।

हालांकि, यह कहना सही नहीं होगा कि इसकी चोरी किसने की या यह किन हाथों से गुजरता रहा। उपलब्ध जानकारी टियारा के गायब होने की परिस्थितियों का संकेत देती है, लेकिन इसकी पूरी यात्रा का खुलासा नहीं करती।

अब जिनेवा में होगी नीलामी, 13 करोड़ तक पहुंच सकती है कीमत

नीलामी घर Sotheby's के मुताबिक, यह टियारा 11 नवंबर 2026 को जिनेवा में होने वाली Royal and Noble Jewels Sale का हिस्सा है। इसकी अनुमानित कीमत 3 लाख से 5 लाख स्विस फ्रैंक रखी गई है। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में इसका अनुमानित डॉलर मूल्य करीब 9.46 लाख से 13.3 लाख डॉलर बताया गया है, जो विनिमय दर के अनुसार लगभग 8 से 12 करोड़ रुपये से अधिक बैठ सकता है। कुछ रिपोर्टों में ऊपरी अनुमान को करीब 13 करोड़ रुपये बताया गया है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि यह अनुमानित नीलामी कीमत है, अंतिम बिक्री मूल्य नहीं। वास्तविक कीमत बोली के दौरान तय होगी।

69 साल का रहस्य अब भी पूरी तरह नहीं सुलझा

इस टियारा की वापसी इसे सिर्फ एक महंगा आभूषण नहीं, बल्कि इतिहास से जुड़ी एक दिलचस्प कहानी बनाती है। एक विश्व प्रदर्शनी के लिए बनाया गया डिजाइन, फ्रांसीसी राजघराने की शादी, पीढ़ियों तक चली विरासत और फिर दशकों का रहस्य-इन सभी ने इसे खास बना दिया है।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि 1957 के बाद यह टियारा कहां रहा और निजी संग्रह तक कैसे पहुंचा। इसकी नीलामी से इसके इतिहास पर नई रोशनी पड़ सकती है, लेकिन जब तक इसकी यात्रा से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी सामने नहीं आती, तब तक इसके गायब होने की पूरी कहानी रहस्य बनी रहेगी।

Location :  New Delhi

Published :  20 October 2026, 7:04 PM IST

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