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प्रतीकात्मक छवि
New Delhi: ईरान युद्ध शुरू होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और कैथोलिक चर्च के प्रमुख Pope Leo XIV के बीच विवाद लगातार गहराता जा रहा है। युद्ध को लेकर पोप की चिंता और शांति की अपील को ट्रंप ने सख्ती से खारिज कर दिया है।
पोप लियो ने ईरान-युद्ध को “पूरी मानवता पर कलंक” बताते हुए तत्काल युद्धविराम की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि लगातार बढ़ता संघर्ष दुनिया को एक बड़े संकट की ओर धकेल सकता है। हालांकि अब इस बयान पर ट्रंप ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने आरोप लगाया कि पोप के बयान ऐसे संकेत देते हैं मानो वे ईरान की परमाणु क्षमता को लेकर नरम रुख रखते हों। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका किसी भी हालत में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।
ट्रंप ने कहा, “मेरा ईरान पर रुख बिल्कुल साफ है। मैं पोप को खुश करूं या न करूं, लेकिन ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते।” उन्होंने आगे कहा कि पोप के बयानों से ऐसा लगता है कि वे ईरान को परमाणु हथियार रखने की अनुमति देना चाहते हैं, जबकि अमेरिका ऐसा कभी स्वीकार नहीं करेगा।
मंगलवार को पोप लियो ने ट्रंप के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने कभी भी परमाणु हथियारों का समर्थन नहीं किया। उन्होंने कहा कि जो लोग उनकी आलोचना कर रहे हैं, उन्हें सच बोलना चाहिए। पोप ने यह भी आरोप लगाया कि ट्रंप के कुछ बयान दुनियाभर के कैथोलिक समुदाय के लिए खतरे का माहौल पैदा कर सकते हैं। उनके मुताबिक धार्मिक नेताओं की अपील को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।
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इस बीच ट्रंप प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio जल्द ही पोप से मुलाकात कर सकते हैं। माना जा रहा है कि यह मुलाकात दोनों पक्षों के बीच बढ़ते तनाव को कम करने की कोशिश हो सकती है।
ईरान युद्ध को लेकर दुनिया भर में चिंता बढ़ती जा रही है। एक तरफ अमेरिका अपने सख्त रुख पर कायम है, वहीं दूसरी ओर वैटिकन लगातार शांति और युद्धविराम की अपील कर रहा है।
Location : New Delhi
Published : 7 May 2026, 1:16 PM IST