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अमेरिका के परमाणु हथियारों से जुड़े “ब्रोकन एरो” हादसों की कहानी बेहद चौंकाने वाली है। अब तक 32 ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें से छह परमाणु बम आज तक लापता हैं। ये बम समुद्र की गहराइयों में कहीं दबे होने की आशंका है और उनकी विनाशकारी क्षमता को देखते हुए यह वैश्विक सुरक्षा के लिए एक बड़ी चिंता बन चुके हैं।
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New Delhi: दुनिया की सबसे ताकतवर सैन्य शक्तियों में गिने जाने वाले अमेरिका के परमाणु हथियारों को लेकर एक चौंकाने वाला सच सामने आया है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि हथियारों के ट्रांसपोर्टेशन के दौरान कई बार ऐसी घटनाएं हुई, जब परमाणु बम रास्ते में ही खो गए या दुर्घटनाओं का शिकार हो गए। इन खतरनाक घटनाओं को सैन्य भाषा में “ब्रोकन एरो” कहा जाता है। सबसे चिंता की बात यह है कि इन हादसों में से कुछ परमाणु हथियार आज तक बरामद नहीं हो पाए हैं। ऐसे बम अब भी दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में कहीं छिपे होने की आशंका जताई जा रही है, जिनकी ताकत किसी पूरे शहर को तबाह कर सकती है।
क्या है ‘ब्रोकन एरो’ हादसे
द मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक परमाणु हथियारों से जुड़े कुल 32 “ब्रोकन एरो” हादसे सामने आ चुके हैं। “ब्रोकन एरो” उस स्थिति को कहा जाता है जब परमाणु हथियार गलती से गिर जाए, खो जाए या दुर्घटना में क्षतिग्रस्त हो जाए। रिपोर्ट्स के अनुसार इन 32 घटनाओं में से छह परमाणु हथियार ऐसे हैं जिनका आज तक कोई सुराग नहीं मिला। विशेषज्ञों का कहना है कि इन हथियारों की विस्फोटक क्षमता इतनी ज्यादा है कि इनमें से एक भी अगर सक्रिय हो जाए तो पूरा शहर नष्ट हो सकता है और लाखों लोगों की जान जा सकती है।
1958 का टाइबी द्वीप हादसा
सबसे चर्चित घटनाओं में से एक 1958 में अमेरिका के टाइबी द्वीप के पास हुई थी। उस समय एक बी-47 बमवर्षक विमान मार्क-15 हाइड्रोजन बम लेकर उड़ान भर रहा था। उड़ान के दौरान उसकी टक्कर एक एफ-86 लड़ाकू विमान से हो गई। हादसे के बाद पायलट को डर था कि कहीं बम विस्फोट न कर जाए, इसलिए उसने उसे जॉर्जिया के पास वासाव साउंड के समुद्र में गिरा दिया। यह बम करीब 7,600 पाउंड वजनी था और इसकी विस्फोटक क्षमता 3.8 मेगाटन बताई जाती है, जो द्वितीय विश्व युद्ध में जापान के नागासाकी पर गिराए गए “फैट मैन” बम से लगभग 190 गुना अधिक शक्तिशाली थी। नौसेना के सैकड़ों कर्मियों ने दो महीने तक सोनार की मदद से खोज अभियान चलाया, लेकिन बम का कोई पता नहीं चल सका।
1966 में भूमध्य सागर में गायब हुआ बम
ऐसा ही एक बड़ा हादसा 1966 में भी हुआ था जब दो अमेरिकी सैन्य विमान भूमध्य सागर के ऊपर टकरा गए। इस दुर्घटना में चार बी-28 थर्मोन्यूक्लियर बम समुद्र में गिर गए। तीन बमों को तो बाद में बरामद कर लिया गया, लेकिन एक बम का वारहेड आज तक लापता है। बताया जाता है कि एक स्पेनिश मछुआरे ने उस समय समुद्र में एक सफेद पैकेट गिरते हुए देखा था।
ईरान को लेकर बढ़ी वैश्विक चिंता
इन घटनाओं की चर्चा ऐसे समय में तेज हो गई है जब पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर कड़ी सैन्य कार्रवाई की चेतावनी दी है। मिडिल ईस्ट में परमाणु हथियारों की संभावनाओं को लेकर पहले ही तनाव बना हुआ है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अगर किसी भी लापता परमाणु हथियार का गलत हाथों में पड़ना या विस्फोट होना हुआ तो यह पूरी दुनिया के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।