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Ukraine में भारतीय कंपनी के दवा प्लांट पर रूसी ड्रोन का हमला
New Delhi: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच यूक्रेन के सूमी शहर से बड़ी खबर सामने आई है। यहां भारतीय मूल की कुसुम ग्रुप के दवा निर्माण संयंत्र को रूसी ड्रोन हमले में भारी नुकसान पहुंचा है। हमले में एक व्यक्ति की मौत की खबर है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्लांट की मुख्य इमारत का बड़ा हिस्सा तबाह हो गया। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक कंपनी को करीब 400 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। हालांकि, अधिकारियों ने कहा है कि मृतकों और घायलों की संख्या में बदलाव हो सकता है।
हमले के बाद सामने आए वीडियो में प्लांट परिसर से धुएं का बड़ा गुबार उठता दिखाई दे रहा है। बताया जा रहा है कि ड्रोन हमले से दवा संयंत्र की मुख्य इमारत को गंभीर नुकसान पहुंचा है। घटनास्थल पर राहत और बचाव का काम भी शुरू किया गया। सूमी यूक्रेन के उन इलाकों में शामिल है जो रूस की सीमा के करीब हैं और युद्ध के दौरान लगातार हमलों की चपेट में रहे हैं। इसके बावजूद कुसुम ग्रुप का प्लांट युद्ध के दौरान भी अपना काम जारी रखे हुए था।
हमले के बाद कंपनी के सामने बड़ा आर्थिक नुकसान खड़ा हो गया है। शुरुआती आकलन में नुकसान करीब 400 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। प्लांट की मुख्य इमारत के बड़े हिस्से के नष्ट होने से उत्पादन और कंपनी के संचालन पर भी असर पड़ने की आशंका है। हालांकि, नुकसान का अंतिम आकलन विस्तृत जांच और परिसर के निरीक्षण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
कुसुम ग्रुप की शुरुआत 1994 में हुई थी। कंपनी ने शुरुआती दौर में भारत में निर्मित दवाओं को यूक्रेन भेजने और वहां उनके वितरण का काम किया। बाद में कंपनी ने अपना कारोबार बढ़ाया और दवा निर्माण के क्षेत्र में कदम रखा। 2002 में कुसुम ग्रुप ने दूसरी कंपनियों के उत्पादों का वितरण बंद कर अपने ब्रांड की दवाओं की बिक्री शुरू की। इसके बाद कंपनी ने धीरे-धीरे अपना मैन्युफैक्चरिंग नेटवर्क खड़ा किया।
कंपनी ने 2007 में भारत में अपना पहला दवा निर्माण संयंत्र शुरू किया। इसके बाद 2009 में यूक्रेन के सूमी में प्लांट स्थापित किया गया। कंपनी ने भारत में आगे दो और संयंत्र शुरू किए। कुसुम ग्रुप के मुताबिक वह 50 से ज्यादा दवाओं का निर्माण करता है। इनमें बड़ी संख्या सामान्य दवाओं की है। कंपनी अपने उत्पादों की बिक्री नौ से ज्यादा देशों में करती है, जिनमें यूक्रेन के अलावा उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान और फिलीपींस जैसे देश शामिल हैं।
कुसुम ग्रुप खुद को भारतीय जड़ों वाली यूक्रेनी कंपनी के तौर पर पेश करता है। कंपनी का संचालन भारतीय नागरिक राजीव गुप्ता करते हैं। रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से जारी युद्ध के बावजूद सूमी स्थित प्लांट काम करता रहा। अब रूसी ड्रोन हमले ने कंपनी के इस महत्वपूर्ण संयंत्र को भारी नुकसान पहुंचाया है।
Location : New Delhi
Published : 4 October 2026, 4:45 PM IST
Topics : Indian Pharma Company Kusum Group Russia Ukraine War Sumy Drone Attack Ukraine drone attack