कौन हैं कर्नाटक के DGP के. रामचंद्र राव, जिनके अय्याशी वाले वीडियो ने पूरे पुलिस विभाग को किया शर्मसार

कर्नाटक के DGP के. रामचंद्र राव का कथित आपत्तिजनक वीडियो वायरल, पुलिस विभाग में हड़कंप, पहले भी तस्करी और नकदी ज़ब्ती मामलों से जुड़ चुका है नाम।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 20 January 2026, 1:13 PM IST
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Bengaluru: वर्दी की गरिमा, कानून का रौब और अफसरशाही की जिम्मेदारी… लेकिन जब इन्हीं सबके बीच एक वीडियो सामने आए तो पूरा सिस्टम कटघरे में खड़ा हो जाता है। कर्नाटक पुलिस के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और नागरिक अधिकार प्रवर्तन निदेशालय के प्रमुख डीजीपी के. रामचंद्र राव इन दिनों ऐसे ही एक विवाद के केंद्र में हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक कथित वीडियो ने पुलिस महकमे को शर्मसार कर दिया है, जिसमें एक वरिष्ठ अधिकारी को अपने ही कार्यालय में वर्दी पहनकर एक महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाया जा रहा है।

वीडियो वायरल, विभाग में मचा हड़कंप

वीडियो सामने आते ही पुलिस और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो रामचंद्र राव के दफ्तर के अंदर का है। हालांकि डीजीपी ने साफ तौर पर वीडियो से इनकार करते हुए इसे झूठा और मनगढ़ंत बताया है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्हें खुद नहीं पता कि यह कब, कैसे और किसने बनाया। उनका कहना है कि आज के दौर में कुछ भी फर्जी बनाया जा सकता है।

पुराना वीडियो या नई साजिश?

जब उनसे पूछा गया कि क्या यह वीडियो पुराना हो सकता है, तो राव ने कहा कि अगर पुराना है तो करीब आठ साल पहले का हो सकता है, जब वे बेलगावी में तैनात थे। इस बयान के बाद मामला और उलझ गया है। अब सवाल उठ रहा है कि अगर वीडियो पुराना है तो अचानक अब क्यों सामने आया।

कौन हैं के. रामचंद्र राव

डॉ. के. रामचंद्र राव 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। वे वर्तमान में कर्नाटक के नागरिक अधिकार प्रवर्तन निदेशालय के डीजीपी हैं। अगस्त 2025 में अनिवार्य अवकाश से वापसी के बाद उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली थी। इससे पहले वे कर्नाटक राज्य पुलिस आवास और अवसंरचना विकास निगम के चेयरमैन व एमडी रह चुके हैं।

विवादों से पुराना नाता

रामचंद्र राव का नाम इससे पहले भी कई विवादों में आ चुका है। मार्च 2025 में उनकी अभिनेत्री बेटी रान्या राव को बेंगलुरु एयरपोर्ट पर 14.2 किलो सोने की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में डीजीपी कार्यालय से जुड़े पुलिसकर्मियों की भूमिका पर भी सवाल उठे थे, जिसके बाद उन्हें फोर्स लीव पर भेज दिया गया था।

2014 से चला आ रहा है विवादों का सिलसिला

इतना ही नहीं, 2014 में दक्षिणी रेंज के आईजीपी रहते हुए भी उनका नाम एक बड़े नकदी ज़ब्ती विवाद में सामने आया था। व्यापारियों ने पुलिस पर करोड़ों रुपये के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। अब ताजा वीडियो ने एक बार फिर उनके पूरे करियर पर सवालिया निशान लगा दिया है।

Location : 
  • Bengaluru

Published : 
  • 20 January 2026, 1:13 PM IST

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