बेटों ने फावड़े से खोदा आंगन तो निकला मां का शव, वाराणसी के लोहता हत्याकांड में कोर्ट का बड़ा फैसला

वाराणसी के लोहता क्षेत्र में पांच साल पहले पत्नी की हत्या कर शव को आंगन में नमक डालकर दफनाने वाले कलयुगी पति को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। संपत्ति विवाद में हुई इस खौफनाक वारदात का खुलासा तब हुआ था, जब सगे बेटों ने ही आंगन की मिट्टी खोदकर मां की लाश निकाली थी।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 10 June 2026, 4:15 PM IST

Varanasi : वाराणसी के लोहता क्षेत्र में पांच साल पहले हुई एक सनसनीखेज वारदात का आखिरकार अदालत ने फैसला सुना दिया। पत्नी की हत्या कर उसके शव को घर के आंगन में दफनाने वाले आरोपी पति को अदालत ने दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही साक्ष्य मिटाने के प्रयास के लिए अलग से कारावास और आर्थिक दंड भी लगाया गया है।

यह मामला उस समय चर्चा में आया था, जब एक महिला के अचानक लापता होने की कहानी ने कुछ ही घंटों में हत्या के रहस्य का रूप ले लिया था।

मां की तलाश में जुटे बेटे

घटना दिसंबर 2020 की है। परिवार के दोनों बेटे रोज की तरह काम पर गए थे। दोपहर में जब छोटा बेटा घर लौटा तो उसने मां के बारे में पूछा। पिता ने जवाब दिया कि वह किसी काम से बाहर गई हैं और जल्द लौट आएंगी।

शाम तक मां के घर न लौटने पर बड़ा बेटा भी चिंतित हो गया। दोनों भाइयों ने दोबारा पूछताछ की तो पिता के जवाब उन्हें संतोषजनक नहीं लगे। इसी बीच उनकी नजर आंगन में ताजा खोदी गई मिट्टी पर पड़ी, जहां पिता मिट्टी बराबर करने में जुटा था।

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आंगन की खुदाई में मिला दिल दहला देने वाला सच

संदेह बढ़ने पर दोनों भाइयों ने खुद फावड़ा उठाया और उस स्थान की खुदाई शुरू कर दी। कुछ ही देर में जो सामने आया, उसने पूरे परिवार को झकझोर दिया। मिट्टी के नीचे उनकी मां का शव दबा मिला।

जांच में सामने आया कि हत्या के बाद शव को आंगन में दफनाया गया था। इतना ही नहीं, शव को जल्दी नष्ट करने के लिए बड़ी मात्रा में नमक भी डाला गया था ताकि अपराध के निशान मिटाए जा सकें।

संपत्ति विवाद बना हत्या की वजह

अभियोजन के अनुसार, पति और पत्नी के बीच संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। आरोपी पत्नी से संपत्ति अपने नाम करवाना चाहता था, लेकिन महिला इसके लिए तैयार नहीं थी। इसी तनाव ने अंततः खूनी रूप ले लिया।

वारदात के बाद आरोपी घर से फरार हो गया था, लेकिन पुलिस ने कुछ दिनों बाद उसे गिरफ्तार कर लिया।

वैज्ञानिक साक्ष्यों ने दिलाई सजा

मामले की सुनवाई के दौरान कई गवाहों के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच अदालत में पेश की गई। रिपोर्ट में महिला के शरीर पर कई गंभीर चोटों का उल्लेख था, जो हिंसक हमले की ओर इशारा कर रही थीं।

अदालत ने माना कि घटना के समय घर में केवल पति-पत्नी मौजूद थे और आरोपी अपनी पत्नी की मौत को लेकर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। सभी साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने उसे हत्या और सबूत मिटाने का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

Location :  varanasi

Published :  10 June 2026, 4:11 PM IST