सीट के नीचे छिपा था बड़ा राज… वाराणसी एयरपोर्ट पर यात्री गिरफ्तार, जांच में तस्करी के कनेक्शन की आशंका!

वाराणसी एयरपोर्ट पर डीआरआई की कार्रवाई ने एक बार फिर सोना तस्करी के नए तरीके को उजागर किया है। शारजाह से आए एक यात्री के पास से सीट के नीचे छिपाया गया लाखों रुपये का विदेशी सोना बरामद हुआ। जांच एजेंसी अब इस मामले के पीछे छिपे नेटवर्क को तलाशने में जुटी है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 27 July 2026, 8:40 PM IST

Varanasi: वाराणसी स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने सोना तस्करी के एक बड़े मामले का खुलासा किया है। डीआरआई की टीम ने एक यात्री के पास से करीब 70 लाख रुपये कीमत का विदेशी मूल का 24 कैरेट सोना बरामद किया है। सोने को बेहद चालाकी से विमान की सीट के नीचे छिपाया गया था।

मामले में गुजरात के भुज निवासी विराल प्रेमजी चौहान को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश किया गया। फिलहाल डीआरआई की टीम उससे पूछताछ कर रही है।

गुप्त सूचना के आधार पर बिछाया गया था जाल

डीआरआई अधिकारियों के अनुसार, टीम को पहले से सूचना मिली थी कि शारजाह से वाराणसी आने वाली उड़ान के जरिए एक यात्री विदेशी सोना लेकर पहुंचने वाला है। सूचना मिलते ही अधिकारियों ने एयरपोर्ट पर निगरानी बढ़ा दी। जैसे ही विमान वाराणसी पहुंचा, यात्रियों की जांच के साथ-साथ विमान की भी बारीकी से तलाशी शुरू की गई। इसी दौरान एक सीट के नीचे संदिग्ध वस्तु मिलने पर जांच की गई, जिसमें पेस्ट के रूप में छिपाया गया सोना बरामद हुआ।

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अधिकारियों के मुताबिक बरामद सोने का वजन 491.290 ग्राम है और यह 24 कैरेट विदेशी मूल का है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी अनुमानित कीमत लगभग 70 लाख रुपये बताई गई है।

सीट के नीचे छिपाने का तरीका देखकर अधिकारी भी हैरान 

जांच में सामने आया कि आरोपी ने सोने को सामान्य तरीके से नहीं बल्कि पेस्ट कंपाउंड के रूप में तैयार कर छिपाया था, ताकि शुरुआती जांच में इसका पता न चल सके। तस्कर अक्सर जांच एजेंसियों को चकमा देने के लिए ऐसे नए तरीके अपनाते हैं। डीआरआई अधिकारियों ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। जांच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी अकेले इस काम में शामिल था या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है।

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बड़े तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका

प्रारंभिक जांच में अधिकारियों को आशंका है कि यह मामला किसी अंतरराज्यीय या अंतरराष्ट्रीय सोना तस्करी गिरोह से जुड़ा हो सकता है। डीआरआई अब आरोपी के मोबाइल रिकॉर्ड, यात्रा इतिहास और उसके संपर्कों की जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि इससे पहले आरोपी ने कितनी बार इस तरह की गतिविधियों को अंजाम दिया और उसके साथ कौन-कौन लोग जुड़े हैं।

Location :  Varanasi

Published :  27 July 2026, 8:40 PM IST