UP के कफ सिरप किंगपिन पर इंटरपोल का शिकंजा… रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर भारत लाने की तैयारी तेज

वाराणसी के चर्चित कोडीन युक्त कफ सिरप काले कारोबार मामले में मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल पर शिकंजा कसता जा रहा है। पुलिस अब उसे इंटरपोल की मदद से भारत लाने की तैयारी में जुटी है। गृह मंत्रालय की अनुमति मिलते ही रेड कॉर्नर नोटिस जारी होगा। आरोपी पर 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा की काली कमाई का आरोप है।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 14 May 2026, 12:30 PM IST

Varanasi: कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबार का मास्टरमाइंड और 75 हजार रुपये का इनामी आरोपी शुभम जायसवाल अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वांछित अपराधी घोषित होने की कगार पर है। वाराणसी पुलिस ने उसके खिलाफ इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके लिए सीबीआई की इंटरपोल शाखा को आरोपी के अपराधों से जुड़ी पूरी जानकारी भेजी जा चुकी है।

पुलिस के अनुसार शुभम पहले ही देश छोड़कर दुबई फरार हो चुका है। उसके खिलाफ लुकआउट नोटिस और गैर जमानती वारंट जारी है। गृह मंत्रालय से अनुमति मिलने के बाद रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जाएगा, जिसके बाद दुबई पुलिस भी कार्रवाई में शामिल होगी। अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया में करीब दो महीने का समय लग सकता है।

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2000 करोड़ की काली कमाई का खुलासा

जांच एजेंसियों के मुताबिक शुभम जायसवाल ने फर्जी फर्मों और नकली दस्तावेजों के जरिए 2000 करोड़ रुपये से ज्यादा की काली कमाई की। ड्रग विभाग, एसआईटी और एसटीएफ की जांच में सामने आया कि यह नेटवर्क सिर्फ वाराणसी तक सीमित नहीं था, बल्कि गाजियाबाद, कानपुर, त्रिपुरा, पूर्वांचल और झारखंड तक फैला हुआ था।

फर्जी जीएसटी इनवाइस, ई-वे बिल और कागजी सप्लाई दिखाकर बड़े स्तर पर कफ सिरप की तस्करी की जा रही थी। पुलिस का दावा है कि शुभम ने अपने सहयोगियों के जरिए कई फर्जी फर्में खुलवाईं और इसी नेटवर्क के सहारे अवैध कारोबार को बढ़ाया गया।

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बांग्लादेश तक फैला था तस्करी का नेटवर्क

जांच में यह भी सामने आया कि कफ सिरप की तस्करी बांग्लादेश तक की गई। इस नेटवर्क में पश्चिमी उत्तर प्रदेश से लेकर पूर्वांचल तक कई लोग शामिल थे। पुलिस अब तक सौरभ त्यागी, शिवानंद शिवा, विनोद अग्रवाल, अमित सिंह टाटा, आलोक सिंह, विकास सिंह नरवे, आकाश पाठक और अंकित श्रीवास्तव समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

डीसीपी गौरव बंशवाल ने बताया कि यूएई के साथ भारत की कानूनी संधि होने के कारण आरोपी को वापस लाने का कानूनी आधार मजबूत है। कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है।

Location :  Varanasi

Published :  14 May 2026, 12:30 PM IST