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ट्रक चालक और मालिक गिरफ्तार (IMG: Dynamite News)
Gwalior: ग्वालियर में शनिवार देर रात एक बेकाबू ट्रक ने ऐसा कहर बरपाया कि मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं की खुशियां मातम में बदल गईं। चीनौर रोड पर शीतला माता मंदिर के पास धान से भरा तेज रफ्तार ट्रक पुलिस चेकपोस्ट तोड़ता हुआ श्रद्धालुओं की भीड़ में जा घुसा। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मंदिर की बाहरी दीवार और गेट भी ढह गए। इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 26 लोग घायल हो गए। घायलों में दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
यह हादसा शनिवार देर रात करीब 1:30 बजे चीनौर रोड पर शीतला माता मंदिर के पास हुआ। उस समय मंदिर में दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हुए थे। लोग सड़क किनारे लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान चीनौर की ओर से आ रहा धान से भरा ट्रक ढलान पर पहुंचते ही बेकाबू हो गया।
इस हादसे में ट्रक चालक की भूमिका और भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, चालक मोबाइल पर Google Maps की मदद से रास्ता देख रहा था। बताया जा रहा है कि शीतला माता मंदिर पर नौ दिनों तक वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहने के बावजूद चीनौर की ओर से धान से लदे दो ट्रक मंदिर के पीछे की तरफ पहुंच गए थे।
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हादसे के बाद घायलों को तत्काल जयारोग्य अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घायलों में दो पुलिसकर्मी भी शामिल बताए गए हैं। हादसे की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने सभी घायलों का निशुल्क इलाज कराने की घोषणा की है। इस घटना ने उन परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया, जो मंदिर में दर्शन करने की उम्मीद लेकर घरों से निकले थे। जिन लोगों को सुरक्षित अपने घर लौटना था, उनमें से कई की जिंदगी हादसे ने छीन ली। अस्पताल में भर्ती घायलों के परिजन भी उनकी सेहत को लेकर चिंतित हैं।
हादसे के बाद मृतकों के परिजनों में भारी आक्रोश देखने को मिला। ग्वालियर के पोस्टमॉर्टम रूम के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। गुस्साए परिजनों ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया और सवाल किया कि जिस रास्ते पर साइकिल तक ले जाना मुश्किल बताया जा रहा है, वहां भारी ट्रक आखिर पहुंच कैसे गया?
लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। उनका सवाल है कि जब मंदिर में नौ दिनों तक वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित थी, तो इस नियम को लागू कराने की जिम्मेदारी किसकी थी? यदि रास्ते पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक थी, तो चेकपोस्ट और सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद ट्रक मंदिर के पास तक कैसे पहुंच गया?
हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। लापरवाही के आरोप में झांसी रोड के CSP रवि भदौरिया को पद से हटा दिया गया है। इसके अलावा आठ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। निलंबित किए गए लोगों में झांसी रोड थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव, आंतरी थाना प्रभारी गीतेश शर्मा, झांसी रोड ट्रैफिक थाना प्रभारी अभिषेक रघुवंशी, निरीक्षक यातायात राघवेंद्र जादौन, प्रधान आरक्षक सुशील द्विवेदी और आरक्षक किशन खन्ना, अनिल जैतपुरिया तथा पवन सेंगर शामिल हैं।
पुलिस ने मामले में ट्रक चालक और मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में हादसे के कारणों, ट्रक की तकनीकी स्थिति, ब्रेक फेल होने के दावे, चालक की भूमिका और प्रतिबंधित मार्ग पर भारी वाहन पहुंचने के हालात की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे को हृदयविदारक बताते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने कहा है कि सरकार सभी प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और घटना की विस्तृत जांच कर जिम्मेदारी तय की जाएगी।
Location : Gwalior
Published : 18 October 2026, 5:11 PM IST