मेडिकल के नाम पर मौत: अस्पताल की चौखट पर टूटीं मां की सांसें, गेट के बाहर बेटी का छलका दर्द

रायबरेली एम्स में इलाज के दौरान अमेठी की महिला मरीज गीता देवी की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही और देरी का आरोप लगाकर हंगामा किया।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 12 August 2026, 5:50 PM IST

Raebareli: एम्स रायबरेली में इलाज करा रही एक महिला मरीज की मौत के बाद उसके परिवार ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला की मौत के बाद परिवार ने इमरजेंसी वार्ड के बाहर हंगामा किया और जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

परिवार का आरोप- मेडिकल लापरवाही से मौत

मृतक के परिवार का आरोप है कि मरीज को शुरू में गलत वार्ड में भर्ती किया गया था और बाद में दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया। उनका दावा है कि इलाज के दौरान लगातार देरी और लापरवाही बरती गई, जिसकी वजह से उनकी मौत हो गई। परिवार मांग कर रहा है कि शामिल डॉक्टरों के खिलाफ गंभीर आरोपों में मामला दर्ज किया जाए। हंगामे की खबर मिलने के बाद मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया।

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इलाज के लिए अमेठी से लाई गई थी महिला

मृतक की पहचान अमेठी के टिकरिया की रहने वाली गीता देवी के तौर पर हुई है। उनकी बेटी रितु ने बताया कि उनकी माँ को पैर की बीमारी थी और गौरीगंज में उनका इलाज चल रहा था। रितु के मुताबिक, गौरीगंज के डॉक्टर के चले जाने के बाद बेहतर इलाज की उम्मीद में वह अपनी माँ को एम्स रायबरेली लाई थीं। उनका आरोप है कि शुरू में मरीज़ को भर्ती नहीं किया गया और भर्ती की प्रक्रिया काफी मुश्किलों के बाद पूरी हुई।

इलाज में लापरवाही - बेटी का आरोप

रितु का आरोप है कि उनकी मां को डॉ. दिव्या अग्रवाल की देखरेख में अलग-अलग वार्डों में शिफ्ट किया गया। उन्होंने बताया कि मरीज़ को गंभीर एनीमिया होने और कई टेस्ट होने के बावजूद इलाज में जरूरी तेजी नहीं दिखाई गई। रितु ने यह भी आरोप लगाया कि डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने स्टाफ को डांटा जिसके बाद मरीज को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया। परिवार का दावा है कि टेस्ट तो होते रहे लेकिन असल इलाज में देरी की वजह से महिला की मौत हो गई।

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अस्पताल पहुंचने पर हालत थी गंभीर 

वहीं, एम्स रायबरेली के आधिकारिक प्रवक्ता डॉ. नीरज श्रीवास्तव ने परिवार के आरोपों से अलग बात कही। उन्होंने बताया कि मरीज को बहुत गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। डॉ. श्रीवास्तव के अनुसार, महिला की किडनी काम नहीं कर रही थी और उनका रीनल फंक्शन बहुत कम (लगभग पाँच प्रतिशत) था। ऐसी गंभीर स्थिति में हमेशा यह जोखिम रहता है कि इलाज के दौरान मरीज की सेहत बिगड़ सकती है या हालात और खराब हो सकते हैं।

पुलिस की मौजूदगी में चल रही है जांच 

मरीज का परिवार इस मामले में कार्रवाई की मांग कर रहा है। वहीं, अस्पताल प्रशासन ने मरीज़ की हालत और इलाज के बारे में जानकारी दी है। पुलिस की मौजूदगी में स्थिति नियंत्रण में है और मामले की जांच की जा रही है।

Location :  Raebareli

Published :  12 August 2026, 5:48 PM IST