अगर समय पर मिल जाता प्रधानमंत्री आवास, तो शायद बच जाती 6 जिंदगियां! प्रतापगढ़ हादसे पर उठे सवाल

प्रतापगढ़ के महुली वार्ड में जर्जर मकान गिरने से छह लोगों की मौत के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मृतक प्रमोद श्रीवास्तव का नाम पात्रता सूची में होने के बावजूद आवास की किश्त नहीं मिली। हादसे के बाद डीएम ने 26 लाख रुपये की सहायता और जल्द आवास निर्माण का भरोसा दिया, जबकि मुख्यमंत्री ने भी मामले का संज्ञान लिया।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 6 August 2026, 1:47 PM IST
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Pratapgarh: जिस परिवार को सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर मिलना था, वह परिवार आखिरकार जर्जर मकान की मलबे में हमेशा के लिए दफन हो गया। प्रतापगढ़ के महुली वार्ड में छह लोगों की दर्दनाक मौत के बाद अब हादसे से ज्यादा चर्चा उस व्यवस्था की हो रही है, जिस पर समय रहते मदद पहुंचाने की जिम्मेदारी थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि अगर प्रधानमंत्री आवास योजना की पहली किश्त समय पर मिल गई होती तो शायद आज प्रमोद श्रीवास्तव और उनका परिवार जिंदा होता। हादसे ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और योजनाओं के क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रधानमंत्री आवास की पात्रता सूची में था प्रमोद का नाम

महुली वार्ड निवासी प्रमोद श्रीवास्तव का परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर था। सब्जी बेचकर और बेटे की ई-रिक्शा की कमाई से किसी तरह घर का खर्च चलता था। परिवार पुराने और जर्जर पुश्तैनी मकान में रहने को मजबूर था। स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रमोद ने वार्ड सभासद की मदद से प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन किया था और उनका नाम पात्रता सूची में भी शामिल हो गया था।

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किश्त नहीं मिली, सपना अधूरा रह गया

आरोप है कि पात्रता सूची में नाम आने के बावजूद प्रधानमंत्री आवास योजना की धनराशि प्रमोद तक नहीं पहुंच सकी। इसी वजह से नए मकान का निर्माण शुरू नहीं हो पाया और परिवार उसी पुराने जर्जर मकान में रहने को मजबूर रहा। गुरुवार तड़के लगातार बारिश के बीच यही मकान भरभराकर गिर गया और एक ही परिवार के छह लोगों की जान चली गई। अब स्थानीय लोग इस हादसे को सिर्फ प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि प्रशासनिक सुस्ती और योजनाओं के समय पर क्रियान्वयन न होने का परिणाम बता रहे हैं।

स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश

घटना के बाद महुली वार्ड में लोगों में गहरा गुस्सा देखने को मिला। लोगों का कहना है कि अगर प्रशासन ने समय पर प्रधानमंत्री आवास की किश्त जारी कर दी होती तो प्रमोद का परिवार आज सुरक्षित पक्के घर में रहता।

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हादसे के बाद हरकत में आया प्रशासन

एक ही परिवार के छह लोगों की मौत की खबर मिलते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी अभिषेक पांडेय मौके पर पहुंचे और हादसे पर गहरा दुख जताया। उन्होंने बताया कि शासन की ओर से पीड़ित परिवार के लिए 26 लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान

प्रतापगढ़ की इस दर्दनाक घटना का संज्ञान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी लिया। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रयागराज मंडल के एडीजी ज्योति नारायण और आईजी अजय कुमार मिश्रा घटनास्थल पहुंचे। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से राहत एवं बचाव कार्य की जानकारी ली और हालात का जायजा लिया।

 

Location :  Pratapgarh

Published :  6 August 2026, 1:47 PM IST

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