सोशल मीडिया से भर्ती, पाकिस्तान से निर्देश और दिल्ली में प्लान… स्पेशल सेल ने रोकी बड़ी साजिश

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली-एनसीआर में आतंकी साजिश को अंजाम देने की तैयारी कर रहे एक बड़े अंतरराष्ट्रीय आतंकी-आपराधिक नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके तार पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर से आतंकी बने शहजाद भट्टी और अजमल गुज्जर से जुड़े बताए जा रहे हैं। आरोपियों के पास से अत्याधुनिक हथियार, कारतूस, मोबाइल फोन और डिजिटल सबूत बरामद हुए हैं।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 17 June 2026, 1:39 PM IST
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New Delhi: दिल्ली-एनसीआर को दहलाने की एक बड़ी साजिश को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने समय रहते नाकाम कर दिया है। जांच एजेंसियों ने एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय आतंकी-आपराधिक मॉड्यूल का खुलासा किया है, जिसके जरिए दिल्ली और आसपास के इलाकों में हमले की तैयारी की जा रही थी। पुलिस ने इस नेटवर्क से जुड़े सात लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से अत्याधुनिक हथियार, कारतूस और कई अहम डिजिटल सबूत मिले हैं।

पुलिस के मुताबिक यह पूरा नेटवर्क पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर चल रहा था। पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर से आतंकी बने शहजाद भट्टी और उसके सहयोगी अजमल गुज्जर इस मॉड्यूल को ऑपरेट कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपी सोशल मीडिया और एन्क्रिप्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए अपने विदेशी आकाओं के संपर्क में थे।

दिल्ली-एनसीआर में हमले की तैयारी

स्पेशल सेल की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने दिल्ली-एनसीआर के कई संवेदनशील स्थानों, कुछ हिंदू नेताओं और प्रमुख जगहों की रेकी की थी। इन जगहों की तस्वीरें और वीडियो बनाकर पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स को भेजे गए थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इन सूचनाओं का इस्तेमाल आगे किसी बड़ी आतंकी या आपराधिक वारदात की योजना बनाने के लिए किया जाना था। आरोपियों को सार्वजनिक स्थानों और संभावित टारगेट की निगरानी करने के निर्देश दिए गए थे। जांच में यह भी पता चला कि नेटवर्क का मकसद सिर्फ हिंसा फैलाना नहीं था, बल्कि समाज में डर का माहौल बनाना और सांप्रदायिक तनाव पैदा करना भी था।

कई पर पहले से दर्ज हैं आपराधिक मामले

पुलिस ने जिन आरोपियों को गिरफ्तार किया है उनमें गाजियाबाद के लोनी निवासी अनस उर्फ अनस त्यागी, मोहित उर्फ योगी, साबिर, आरिफ उर्फ प्रधान, ट्रोनिका सिटी निवासी दीपक उर्फ दीपक एग्रोला, जतन और पंजाब के फतेहगढ़ साहिब निवासी करनवीर सिंह शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक इनमें से कई आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। इनके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, आर्म्स एक्ट और गैंगस्टर एक्ट जैसे कई मामले दर्ज हैं।

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पाकिस्तान से हथियार और नशे की सप्लाई का खुलासा

जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पाकिस्तान से पंजाब के रास्ते अवैध हथियार, गोला-बारूद और नशीले पदार्थों की तस्करी करता था। इसके बाद इन्हें दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई किया जाता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से पांच सेमी ऑटोमैटिक पिस्तौल, 41 कारतूस, सात मोबाइल फोन, बैंक खातों की जानकारी और एक कार बरामद की है। मोबाइल फोन की जांच में पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के साथ चैट और वॉइस नोट मिले हैं। कई डिजिटल रिकॉर्ड डिलीट किए गए थे, जिन्हें अब फोरेंसिक जांच के जरिए रिकवर किया जा रहा है।

मोहित की गुज्जर से हुई थी हजारों बार बातचीत

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी मोहित पाकिस्तान में बैठे अजमल गुज्जर के लगातार संपर्क में था। दोनों के बीच 1000 से ज्यादा बार बातचीत हुई थी। वहीं अनस, दीपक, आरिफ और करनवीर भी सीधे भट्टी और गुज्जर के संपर्क में थे। साबिर इस नेटवर्क में लॉजिस्टिक्स और अन्य व्यवस्थाओं में मदद करता था।

युवाओं को लालच देकर नेटवर्क में शामिल किया जा रहा था

जांच एजेंसियों का कहना है कि यह मॉड्यूल सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को अपने जाल में फंसाता था। जरूरतमंद और जल्दी पैसा कमाने की चाह रखने वाले युवाओं को बेहतर जिंदगी और ज्यादा पैसे का लालच दिया जाता था। इसके बाद उनसे रेकी, हथियारों की व्यवस्था, नशे की तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियां कराई जाती थीं। नेटवर्क अपनी पहचान छिपाने के लिए एन्क्रिप्टेड ऐप और फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट का इस्तेमाल करता था।

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जेल में बंद आरोपी से भी जुड़ा था नेटवर्क

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी दीपक एग्रोला जेल में रहते हुए भी मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहा था। अनस के जरिए उसकी पहचान अजमल गुज्जर से कराई गई थी। इसके बाद अवैध हथियारों की खेप लेने और आगे पहुंचाने का काम किया गया। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क में जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।

हवाला और डिजिटल चैनल से चलता था पूरा सिंडिकेट

स्पेशल सेल के अधिकारियों के मुताबिक यह नेटवर्क हवाला के जरिए पैसों का लेनदेन करता था। फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट, एन्क्रिप्टेड बातचीत और डेड ड्रॉप सिस्टम जैसे तरीकों से गतिविधियां चलाई जा रही थीं। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में आगे कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

Location :  New Delhi

Published :  17 June 2026, 1:39 PM IST

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