बदायूं में 6 साल की मासूम से दरिंदगी के बाद बवाल… हाईवे जाम, पुलिस पर गंभीर आरोप

बदायूं के बिल्सी थाना क्षेत्र में 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म की घटना के बाद इलाके में भारी आक्रोश फैल गया। गुस्साए ग्रामीणों ने हाईवे जाम कर दिया और FIR में उम्र व जांच में लापरवाही को लेकर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। पुलिस जांच जारी है और मेडिकल परीक्षण भी कराया जा रहा है।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 10 April 2026, 1:36 PM IST

Badaun: बदायूं के बिल्सी थाना क्षेत्र के एक गांव में 6 साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की शर्मनाक वारदात ने हालात को पूरी तरह बिगाड़ दिया है। जैसे ही यह खबर गांव और आसपास के इलाकों में फैली, लोगों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा और बदायूं-बिजनौर हाईवे पर जाम लग गया। करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक हाईवे पूरी तरह ठप रहा और यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई।

वारदात के बाद सड़क पर उतरा गुस्सा

घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश इतना बढ़ गया कि उन्होंने तुरंत हाईवे को घेर लिया। लोगों का कहना था कि यह सिर्फ एक अपराध नहीं बल्कि सिस्टम की बड़ी लापरवाही का मामला है। गुस्साए लोग सड़क पर बैठ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। इस दौरान हाईवे पर लंबा जाम लग गया और कई वाहन घंटों तक फंसे रहे। आम लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन प्रदर्शनकारी न्याय की मांग पर अड़े रहे।

FIR में उम्र को लेकर विवाद

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा विवाद FIR में दर्ज आरोपी की उम्र को लेकर खड़ा हो गया है। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने FIR में आरोपी की उम्र 16 साल दर्ज की है, जबकि आरोपी के आधार कार्ड में उसकी उम्र 21 साल बताई जा रही है। परिजनों का कहना है कि यह कोई गलती नहीं बल्कि जानबूझकर किया गया खेल है ताकि आरोपी को नाबालिग दिखाकर उसे सजा से बचाया जा सके। इसी मुद्दे को लेकर गांव में गुस्सा और ज्यादा भड़क गया और लोग पुलिस प्रशासन पर सवाल उठाने लगे।

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सबूतों को लेकर लापरवाही के आरोप

पीड़ित परिवार ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि घटना के बाद मौके से महत्वपूर्ण फॉरेंसिक सबूत, जैसे बच्ची के कपड़े और अन्य जरूरी चीजें, सही तरीके से इकट्ठा नहीं की गईं। परिजनों का सवाल है कि अगर सबूत ही सुरक्षित नहीं होंगे तो केस कैसे मजबूत होगा और पीड़िता को न्याय कैसे मिलेगा। इस लापरवाही के आरोप ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है और लोगों का गुस्सा और बढ़ गया है।

मौके पर पहुंचे अधिकारी

हाईवे जाम की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। सीओ बिल्सी और थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने की कोशिश शुरू की। काफी देर तक बातचीत और आश्वासन के बाद किसी तरह प्रदर्शनकारियों को शांत कराया गया और जाम खुलवाया गया। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जाएगी और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

न्याय नहीं मिला तो बड़ा आंदोलन

परिजनों और ग्रामीणों ने साफ कहा है कि आरोपी की सही उम्र की जांच कराई जाए और उसे कानून के तहत कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। साथ ही उन्होंने यह भी मांग की है कि जिन पुलिसकर्मियों पर सबूत इकट्ठा करने में लापरवाही का आरोप है, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। परिजनों ने चेतावनी दी है कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो आंदोलन और बड़ा किया जाएगा और जिम्मेदारों के खिलाफ प्रदर्शन जारी रहेगा।

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पुलिस का बयान

पुलिस ने जानकारी दी है कि आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। साथ ही उसकी सही उम्र की पुष्टि के लिए स्कूल रिकॉर्ड और मेडिकल बोर्ड की जांच कराई जाएगी। इसके अलावा फॉरेंसिक टीम को भी सबूत जुटाने के लिए लगाया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले में POCSO एक्ट समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है और जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाई जा रही है।

Location :  Badaun

Published :  10 April 2026, 1:36 PM IST