महराजगंज में बुखार से पीड़ित नाबालिग की झोलाछाप डॉक्टर द्वारा इंजेक्शन लगाने के बाद मौत हो गई। गुस्साए परिजनों ने चौराहा जाम कर हंगामा किया। पुलिस जांच में जुटी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

झोलाछाप के इलाज ने ले ली नाबालिग की जान
Maharajganj: महराजगंज में एक मासूम की जिंदगी उस वक्त खत्म हो गई, जब उसे ठीक करने के नाम पर एक ऐसा इंजेक्शन दिया गया जिसने कुछ ही मिनटों में उसकी हालत बिगाड़ दी। बुखार से जूझ रही नाबालिग को राहत देने के बजाय कथित तौर पर झोलाछाप डॉक्टर का इलाज उसकी मौत की वजह बन गया। जैसे ही बच्ची ने दम तोड़ा, गुस्से से उबलते परिजनों ने सड़क पर उतरकर चौराहा जाम कर दिया और पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
महराजगंज जिले से सामने आई इस घटना ने एक बार फिर अवैध चिकित्सा और झोलाछाप डॉक्टरों के नेटवर्क पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक, मोनिका नाम की एक नाबालिग लड़की पिछले कुछ दिनों से बुखार से पीड़ित थी। परिजन उसे इलाज के लिए पास के एक निजी मेडिकल स्टोर पर ले गए, जहां एक कथित डॉक्टर मौजूद था। आरोप है कि डॉक्टर ने बिना किसी जांच या मेडिकल टेस्ट के ही बच्ची को तुरंत इंजेक्शन लगा दिया। शुरुआत में परिजनों को लगा कि इससे बच्ची को राहत मिलेगी, लेकिन कुछ ही देर में उसकी हालत तेजी से बिगड़ने लगी। सांस लेने में दिक्कत और शरीर में अचानक कमजोरी के चलते माहौल तनावपूर्ण हो गया।
मोनिका की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह साफ तौर पर इलाज में लापरवाही और गैर-कानूनी तरीके से चिकित्सा करने का मामला है। गुस्साए लोगों ने मुख्य चौराहे पर पहुंचकर सड़क जाम कर दी और जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मांग की कि दोषी झोलाछाप डॉक्टर को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। मौके पर काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा, जिससे यातायात भी पूरी तरह प्रभावित हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने की कोशिश की। अधिकारियों ने परिजनों को समझाकर शांत कराया और किसी तरह जाम खुलवाया। पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ताकि मौत के असली कारण का पता लगाया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। अगर जांच में यह साबित होता है कि इलाज में लापरवाही हुई है या आरोपी व्यक्ति अवैध रूप से चिकित्सा कर रहा था, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोग भी इस घटना से आक्रोशित हैं और प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि गांव और कस्बों में झोलाछाप डॉक्टरों का जाल फैला हुआ है, जो बिना डिग्री और अनुभव के मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं।