
STF का बड़ा एक्शन (Img: Pinterest)
Lucknow: स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक ऐसे गैंग के खिलाफ कार्रवाई की है जो सोशल मीडिया पर विदेशी नागरिक बनकर भारतीयों को ठगता था। ये लोग उन्हें तोहफे, डॉलर या पाउंड भेजने का लालच देते थे। टीम ने गैंग के एक और सदस्य को दिल्ली से गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान नाइजीरिया के रहने वाले 37 वर्षीय न्वोगु ओबेद ओसिनाची के तौर पर हुई है। उसके पास से 11 मोबाइल फोन, एक पासपोर्ट, चार एटीएम कार्ड और एक लैपटॉप बरामद किया गया। कुछ मोबाइल फोन में धोखाधड़ी से जुड़े स्क्रीनशॉट भी मिले हैं। सभी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा गया है।
STF के मुताबिक, गैंग के सदस्य फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप पर अमेरिका और ब्रिटेन के नागरिकों की पहचान का इस्तेमाल करके फर्जी प्रोफाइल बनाते थे। फिर वे युवा भारतीय पुरुषों और महिलाओं से दोस्ती करते थे। कुछ समय तक बातचीत करने के बाद, वे पीड़ितों को यकीन दिलाते थे कि वे विदेश से महंगे तोहफे, डॉलर या पाउंड भेज रहे हैं।
ये भी पढ़ें - Lucknow Cyber Crime: 122 पकड़े, 119 जेल भेजे… बाकी 3 कहां गए? पुलिस के खेल का हाईकोर्ट ने खोला राज
इसके बाद, आरोपी अलग-अलग बहाने बनाकर पैसे की मांग करते थे। पीड़ितों को बताया जाता था कि उनका तोहफा या विदेशी मुद्रा एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने रोक ली है। कस्टम या इनकम टैक्स अधिकारी बनकर, गैंग के सदस्य टैक्स और कस्टम ड्यूटी के नाम पर पैसे वसूलते थे।
लखनऊ का एक युवक भी इस तरीके से ठगी का शिकार हुआ। आरोपी ने 'डोरिस विलियम' नाम से एक फर्जी फेसबुक प्रोफाइल बनाई थी और खुद को इंग्लैंड का रहने वाला बताया था। दोस्ती होने के बाद उन्होंने उसे तोहफे और विदेशी मुद्रा भेजने का वादा किया। फिर उन्होंने अलग-अलग फीस के नाम पर युवक से लगभग 68 लाख रुपये ठग लिए। इस मामले में मड़ियाऊं पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है।
STF की साइबर टीम ने इस मामले में गैंग के दो अन्य सदस्यों, उचेनवा और ओबेसे प्रॉस्पर को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। दोनों को क्रमशः 15 मई और 18 जुलाई को दिल्ली से पकड़ा गया था। जांच के दौरान न्वोगु ओबेद का नाम सामने आया जिसके बाद उसकी तलाश शुरू की गई।
पूछताछ में पता चला कि न्वोगु 2022 में बिजनेस वीजा पर भारत आया था। वीज़ा की मियाद खत्म होने के बाद भी वह दिल्ली में ही रह रहा था। आरोपी ने बताया कि उसके साथियों ने उसे विदेशी नागरिकों के फर्जी सोशल मीडिया प्रोफ़ाइल बनाकर धोखाधड़ी करना सिखाया था।
ये भी पढ़ें - Lucknow Crime: सहेली के घर से लौट रही थी 15 साल की किशोरी, रास्ते में रुकी कार और फिर जो हुआ उसने सबको झकझोर दिया
STF के मुताबिक यह गैंग धोखाधड़ी से कमाए पैसे को ट्रांसफर करने के लिए भारतीय नागरिकों के बैंक अकाउंट किराए पर लेता था। जांच में पता चला कि यह गैंग देश के कई राज्यों में काम कर रहा था। अधिकारी अब ज़ब्त किए गए मोबाइल फोन और लैपटॉप की जांच कर रहे हैं ताकि गैंग से जुड़े दूसरे लोगों की पहचान की जा सके और धोखाधड़ी के और मामलों का पता लगाया जा सके।
Location : Lucknow
Published : 12 August 2026, 4:00 PM IST
Topics : cyber crime Lucknow News Nigerian fraudster STF UP News