1 मृतक, 7 साल की बच्ची मौत की दहलीज पर… यूपी रोडवेज हादसे के घायलों के लिए सिस्टम नदारद, सवालों के घेरे में व्यवस्था

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर करहल के पास हुए बस हादसे के बाद 7 साल की छाया और उसकी मां नीलम गंभीर रूप से घायल हैं। छाया ICU में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। गोरखपुर से सैफई पहुंचे पिता संदीप कुमार ने सरकार से अपनी बेटी के बेहतर इलाज की भावुक अपील की है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 22 May 2026, 6:32 PM IST

Saifai: आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर करहल के पास हुए दर्दनाक बस हादसे के बाद एक परिवार की पीड़ा सबको झकझोर रही है। गोरखपुर से दिल्ली जा रही रोडवेज बस और ट्रक की टक्कर में कई यात्री घायल हुए थे, जिनमें 7 साल की मासूम छाया और उसकी मां नीलम की हालत सबसे गंभीर बताई जा रही है। हादसे के बाद दोनों को सैफई मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां छाया ICU में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही है। डॉक्टरों की टीम उसकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए है, लेकिन स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है।

मां-बेटी दोनों गंभीर रूप से घायल

हादसे में घायल नीलम के सिर, पैर और पीठ में गंभीर चोटें आई हैं। वहीं उनकी छोटी बेटी छाया की हालत और भी चिंताजनक है। डॉक्टरों के मुताबिक बच्ची को गंभीर अंदरूनी चोटें आई हैं और उसे लगातार ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है।

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गोरखपुर से सैफई पहुंचे पिता, बेटी को देख टूटे

छाया के पिता संदीप कुमार गोरखपुर में टाइल्स और पत्थर लगाने का काम करते हैं। हादसे की खबर मिलते ही वे तुरंत सैफई मेडिकल कॉलेज पहुंचे। अस्पताल में अपनी बेटी को ICU में देखकर वह पूरी तरह टूट गए। संदीप कुमार ने भावुक होकर कहा कि उनकी बच्ची को किसी भी हालत में बचाया जाए। उन्होंने प्रशासन और सरकार से बेहतर इलाज की मांग करते हुए कहा कि वे गरीब मजदूर हैं, लेकिन अपनी बेटी को खो नहीं सकते।

“गरीब हैं, लेकिन बेटी को बचाना है”

परिजनों का कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। रोज़ मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले संदीप कुमार के लिए अचानक आया यह संकट बहुत बड़ा है। परिवार को डर सता रहा है कि कहीं इलाज के बढ़ते खर्च के कारण बेटी के इलाज में बाधा न आ जाए। इसी वजह से उन्होंने सरकार से आर्थिक मदद और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की अपील की है।

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अस्पताल व्यवस्था पर उठे सवाल

इस हादसे में घायल अन्य यात्रियों के परिजनों ने भी अस्पताल प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। कुछ लोगों का आरोप है कि उन्हें इलाज और ऑपरेशन के लिए पैसों की व्यवस्था करने को कहा जा रहा है, जिससे वे परेशान हैं। परिजनों ने मांग की है कि गंभीर रूप से घायल मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर किया जाए ताकि किसी की जान न जाए।

Location :  Saifai

Published :  22 May 2026, 6:32 PM IST