एक्शन मोड़ में जेएनयू प्रशासन: एफआईआर के लिए पुलिस को भेजा पत्र, जानें क्या कहा

जेएनयू में 5 जनवरी को साबरमती हॉस्टल के बाहर भड़काऊ नारेबाजी हुई, जिसके बाद प्रशासन ने एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस को पत्र लिखा है। छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले और केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जताया था। प्रशासन ने कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 6 January 2026, 2:50 PM IST
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New Delhi: 5 जनवरी 2026 की रात, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में एक बार फिर विवाद का माहौल बन गया। साबरमती हॉस्टल के बाहर कुछ छात्रों द्वारा आपत्तिजनक और भड़काऊ नारे लगाए गए, जिससे विश्वविद्यालय का माहौल तनावपूर्ण हो गया। इस घटना के बाद जेएनयू प्रशासन ने दिल्ली पुलिस को लिखित शिकायत भेजते हुए एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। प्रशासन का आरोप है कि छात्रों के द्वारा लगाए गए नारे विश्वविद्यालय की शांति और अनुशासन को प्रभावित कर सकते थे।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ विरोध

नारेबाजी और प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट के फैसले और केंद्र सरकार के खिलाफ था। छात्रों ने उमर खालिद और शरजील इमाम की रिहाई के लिए नारे लगाए, जो दिल्ली दंगे से जुड़े मामलों में जेल में बंद हैं। प्रदर्शनकारियों ने "न्याय दो, रिहाई दो" के नारे लगाए और सरकार के खिलाफ जमकर विरोध जताया। जेएनयू छात्रसंघ (JNUSU) और वामपंथी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने इस प्रदर्शन में प्रमुख भूमिका निभाई।

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जेएनयू प्रशासन ने पुलिस को दी शिकायत

जेएनयू प्रशासन ने इस घटना के बाद पुलिस को पत्र भेजकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। प्रशासन का कहना है कि इस नारेबाजी ने कैंपस की सुरक्षा, शांति और अनुशासन को खतरे में डाला है, इसलिए कानूनी कार्रवाई आवश्यक है। प्रशासन द्वारा दी गई लिखित शिकायत में लगभग 30 से 35 छात्रों की पहचान की गई है, जिनके नाम इस विवाद में शामिल हैं।

जेएनयू के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर ने पुलिस को भेजा पत्र

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में पिछले दिनों साबरमती हॉस्टल के बाहर कुछ छात्रों द्वारा लगाए गए आपत्तिजनक और भड़काऊ नारे विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए चिंता का कारण बने हैं। जेएनयू के चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर ने वसंत कुंज पुलिस स्टेशन के एसएचओ को पत्र भेजते हुए इस घटना पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। पत्र में उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस प्रकार के नारे डेमोक्रेटिक असहमति के खिलाफ हैं और यह जेएनयू के कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के नारे कैंपस के सार्वजनिक आदेश, शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकते हैं।

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एफआईआर दर्ज करने की आवश्यकता पर जोर

सिक्योरिटी अफसर ने वसंत कुंज पुलिस से अनुरोध किया है कि वे मामले में एफआईआर दर्ज करें और आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू करें। उनके अनुसार, इस घटना से न केवल विश्वविद्यालय की सुरक्षा को खतरा है, बल्कि यह विश्वविद्यालय के शांतिपूर्ण माहौल को भी प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा, इससे छात्रों के बीच असहमति और विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। जेएनयू प्रशासन का कहना है कि विश्वविद्यालय के परिसर में ऐसी घटनाओं से सुरक्षा और शांति की स्थिति प्रभावित हो सकती है और इस पर कड़ी निगरानी रखने की जरूरत है।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 6 January 2026, 2:50 PM IST

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