
मौके पर पुलिस
Deoghar: दो दिन पहले देवघर के बरियारबांधी इलाके में एक युवक को गोली लगने की घटना ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी थी। घायल युवक अभिषेक यादव ने दावा किया था कि बाइक सवार दो अज्ञात युवकों ने उस पर फायरिंग की और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था, वहीं पुलिस के सामने भी कई ऐसे सवाल थे जिनके जवाब तत्काल नहीं मिल पा रहे थे।
घटना के शुरुआती चरण में सबसे अधिक चर्चा इस बात को लेकर हुई थी कि आखिर जिस स्थान पर गोली चलने की बात कही जा रही थी, वहां से पुलिस को कोई ठोस प्रत्यक्ष साक्ष्य क्यों नहीं मिला। न कोई खोखा बरामद हुआ और न ही ऐसे स्पष्ट निशान मिले जिससे पूरी घटना की तस्वीर साफ हो सके।
इन्हीं सवालों के बीच पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू की और अब इस पूरे प्रकरण का खुलासा करते हुए कई चौंकाने वाले तथ्य सामने रखे हैं।
एसडीपीओ कुलदीप कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया, तकनीकी साक्ष्य एकत्र किए, मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों की जांच की।
जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ती गई, वैसे-वैसे घटना की परतें खुलती चली गईं। पुलिस को कई ऐसे सुराग मिले जिन्होंने पूरे मामले की दिशा बदल दी।
पुलिस अनुसंधान के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर कुल पांच युवकों को गिरफ्तार करने में सफल रही है।
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं—
अभिषेक कुमार यादव (18 वर्ष)
सूरज कुमार यादव (21 वर्ष)
गौरव देव उर्फ छोटू कुमार (19 वर्ष)
अजय कुमार शर्मा (21 वर्ष)
आदित्य कुमार (21 वर्ष)
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इस मामले में घायल अभिषेक यादव भी पुलिस की गिरफ्त में आया है।
पुलिस का कहना है कि अनुसंधान के दौरान मिले तथ्यों ने घटना के संबंध में कई महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई हैं, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई।
मामले के उद्भेदन के दौरान पुलिस ने एक 9 एमएम पिस्टल तथा घटना में प्रयुक्त एक पल्सर मोटरसाइकिल भी बरामद की है।
बरामद हथियार और अन्य साक्ष्यों ने पुलिस जांच को मजबूत आधार प्रदान किया, जिसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी संभव हो सकी।
घटना के तुरंत बाद पुलिस ने घायल के बयान को गंभीरता से लिया था, लेकिन साथ ही घटनास्थल पर उपलब्ध तथ्यों का भी वैज्ञानिक विश्लेषण किया गया।
जांच अधिकारियों के अनुसार कई ऐसे बिंदु थे जो सामान्य गोलीबारी की घटना से मेल नहीं खा रहे थे। इसी वजह से पुलिस ने जल्दबाजी में निष्कर्ष निकालने के बजाय प्रत्येक पहलू की गहराई से जांच की।
आखिरकार तकनीकी और वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर पूरे मामले का खुलासा हो सका।
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि आधुनिक पुलिसिंग में तकनीकी जांच और वैज्ञानिक साक्ष्य कितने महत्वपूर्ण हो चुके हैं। यदि केवल शुरुआती बयान के आधार पर जांच की जाती, तो संभव है कि मामले की वास्तविकता सामने आने में काफी समय लग जाता।
एसडीपीओ कुलदीप कुमार ने कहा कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की गई है और आगे भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
गोली लगने की खबर सामने आने के बाद पूरे शहर में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं। श्रावणी मेला की तैयारियों के बीच हुई इस घटना ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा था।
अब पुलिस के खुलासे के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि घटना की कहानी उतनी सीधी नहीं थी, जितनी शुरुआत में दिखाई दे रही थी।
उल्लेखनीय है कि इस पूरे मामले को डाइनामाइट न्यूज़ ने शुरुआती दौर से ही प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था और घटनास्थल से स्पष्ट साक्ष्य नहीं मिलने जैसे महत्वपूर्ण सवालों को सामने रखा था। अब पुलिस जांच और प्रेस वार्ता के बाद उन सवालों के जवाब भी सामने आने लगे हैं।
Location : Deoghar
Published : 5 June 2026, 5:07 PM IST
Topics : crime news Deoghar firing Jharkhand Police Action