
मथुरा में राजकीय बाल गृह बालिका (IMG: X)
Vrindavan: जिस उम्र में किसी बच्चे को मां की गोद और परिवार का सहारा चाहिए होता है, उस उम्र में शिवानी ने पहले मां का साथ खोया और फिर बालिका गृह में भी जिंदगी गंवा दी। 14 साल की शिवानी को शायद जरा भी अंदाजा नहीं था कि जिन किशोरियों को वह सम्मान से ‘दीदी’ कहकर बुलाती है, वही उसे ऐसी मौत देंगी, जिसे सुनकर रोंगटे खड़े हो जाएं। आरोप है कि उसे पहले बातों में फंसाकर बाथरूम ले जाया गया, फिर बेरहमी से पीटा गया और पानी से भरी बाल्टी में सिर डुबो दिया गया।
बरेली की रहने वाली शिवानी की जिंदगी बचपन से ही मुश्किलों से भरी रही। महज पांच साल की उम्र में उसकी मां का साथ छूट गया। मां की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण शिवानी को बाल गृह में रहना पड़ा। करीब दस साल तक अलग-अलग परिस्थितियों से गुजरने के बाद वह लगभग दो महीने पहले वृंदावन के राजकीय बाल गृह पहुंची थी।
पुलिस की जांच के मुताबिक घटना में दो किशोरियों की भूमिका सामने आई है। बताया जा रहा है कि शिवानी का बिस्तर आरोपियों में से एक किशोरी के बिस्तर के पास ही था। दोनों ने पहले उसे बातचीत में उलझाया और इसके बाद बाथरूम की तरफ ले गईं। आरोप है कि बाथरूम में पहुंचने के बाद दोनों ने शिवानी के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद पानी से भरी बाल्टी में उसका सिर डुबो दिया गया। शिवानी ने बचने के लिए छटपटाने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने उसे नहीं छोड़ा।
घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने बाल गृह में रहने वाली 30 से ज्यादा बालिकाओं और किशोरियों से पूछताछ की। पुलिस ने आरोपियों से भी अलग-अलग सवाल किए। शुरुआत में दोनों कथित तौर पर पुलिस को गुमराह करती रहीं और घटना के बारे में कुछ भी बताने से बचती रहीं। इसके बाद जब पुलिस ने CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग का जिक्र किया तो दोनों किशोरियां रोने लगीं। इसके बाद पुलिस के सामने उन्होंने कथित तौर पर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।
इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर शिवानी को ही क्यों निशाना बनाया गया? पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि शिवानी और आरोपी किशोरियों के बीच किसी पुरानी दुश्मनी या बड़े विवाद की जानकारी नहीं मिली है। बताया जा रहा है कि शिवानी आरोपियों को ‘दीदी’ कहकर बुलाती थी। वह उनके साथ सामान्य तरीके से रहती थी। बाल गृह की दूसरी किशोरियों के मुताबिक शिवानी पढ़ाई में अच्छी थी और उसका व्यवहार भी सामान्य था।
पुलिस की जांच में हत्या की वजह को लेकर जो एंगल सामने आया है, वह बेहद चौंकाने वाला है। बताया जा रहा है कि आरोपी किशोरियां बाल गृह से बाहर निकलना चाहती थीं। वे वहां से भागने के रास्ते तलाश रही थीं, लेकिन सफल नहीं हो पा रही थीं। इसके बाद कथित तौर पर उनके मन में बाल गृह को ही बंद कराने का विचार आया। इसी सोच के तहत हत्या की साजिश रची गई। पुलिस के मुताबिक अगर शिवानी उनके बहकावे में नहीं आती तो वे किसी दूसरी किशोरी को बहाने से बाथरूम में ले जाने की योजना बना रही थीं।
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घटना के बाद पुलिस ने बाल गृह में रहने वाली अन्य किशोरियों से भी पूछताछ की है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि हत्या से पहले आरोपियों ने किन-किन लोगों से बात की थी और क्या किसी अन्य किशोरी को घटना की जानकारी पहले से थी। इसके साथ ही CCTV फुटेज, बाल गृह की सुरक्षा व्यवस्था और घटना के समय मौजूद कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि बाथरूम तक शिवानी को ले जाने और घटना को अंजाम देने के दौरान किसी ने उन्हें देखा क्यों नहीं।
वृंदावन का यह राजकीय बाल गृह पहले भी सुरक्षा को लेकर सवालों में रहा है। बताया जा रहा है कि पिछले नौ महीनों में यह तीसरी ऐसी घटना है, जिसने बाल गृह की सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा किया है। 27 जनवरी 2026 को यहां से पांच किशोरियां सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर रात में फरार हो गई थीं। बताया गया था कि 14 से 17 साल की इन किशोरियों ने कंबल को रस्सी की तरह इस्तेमाल किया और छत के रास्ते नीचे उतरकर बाल गृह से बाहर निकल गईं।
Location : Vrindavan
Published : 23 August 2026, 4:27 PM IST