
जरई डुबाने गईं 5 किशोरियां (IMG: Dynamite News)
Prayagraj: कजरी पर्व की खुशियां उस वक्त चीख-पुकार में बदल गईं, जब जौ की जरई नदी में डुबाने पहुंचीं पांच किशोरियां अचानक कर्णावती नदी के तेज बहाव में फंस गईं। सोमवार सुबह नदी में एक किशोरी डूबने लगी तो उसे बचाने के लिए चार अन्य किशोरियों ने भी पानी में कदम बढ़ा दिया। देखते ही देखते पांचों तेज धारा की चपेट में आ गईं। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर तीन किशोरियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन दो किशोरियां देखते ही देखते नदी की तेज लहरों में समा गईं। देर शाम तक उनका कोई सुराग नहीं मिल सका था। इसके बाद PAC की बाढ़ राहत टीम नाव के जरिए दोनों की तलाश में जुटी रही।
हादसा मांडा क्षेत्र के सुरवां दलापुर गांव से करीब 600 मीटर दूर रामपुर सीरिया गांव के पास कर्णावती नदी में सोमवार सुबह करीब 11 बजे हुआ। बताया गया कि कजरी पर्व को लेकर गांव की पांच किशोरियां घर में बोई गई जौ की जरई नदी में डुबाने के लिए पहुंची थीं। इनमें सुरवां दलापुर निवासी शैलेन्द्र मिश्र की 14 वर्षीय बेटी शुभी मिश्रा, राजेश तिवारी उर्फ बबोले की 14 वर्षीय बेटी अर्पिता उर्फ अंकिता तिवारी, 12 वर्षीय बेटी अर्चिता उर्फ गुल्लू, श्यामशंकर मिश्र की 11 वर्षीय बेटी प्राप्ति मिश्रा और रविंद्र की 13 वर्षीय बेटी राबी शामिल थीं।
बताया जा रहा है कि जरई डुबाने के दौरान अचानक प्राप्ति मिश्रा नदी के तेज बहाव की चपेट में आ गई और डूबने लगी। उसे मुश्किल में देखकर बाकी चारों किशोरियां उसे बचाने के लिए आगे बढ़ीं। लेकिन नदी का बहाव इतना तेज था कि प्राप्ति को बचाने की कोशिश में शुभी, अंकिता, गुल्लू और राबी भी पानी की तेज धारा में फंस गईं। पांचों किशोरियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े।
नदी के ऊपर बने पुल पर खड़े हरिओम, आशुतोष और सूचित तिवारी ने स्थिति देखी तो उन्होंने बिना देर किए नदी में छलांग लगा दी। तीनों युवकों ने अपनी जान की परवाह किए बिना किशोरियों को बचाने का प्रयास शुरू कर दिया।
युवकों की कोशिश से प्राप्ति, गुल्लू और राबी को किसी तरह नदी से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। तीनों को बचा लिए जाने से मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि इसी दौरान शुभी मिश्रा और अर्पिता उर्फ अंकिता तिवारी तेज बहाव की चपेट में आकर बह गईं। देखते ही देखते दोनों नदी की लहरों के बीच गायब हो गईं। इसके बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई।
हादसे की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी कुलदीप शर्मा, तहसीलदार मेजा पवन सिंह और नायब तहसीलदार चंदन पाल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों के पहुंचने के बाद नदी में लापता दोनों किशोरियों की तलाश के लिए अभियान तेज किया गया। दोपहर करीब 2:30 बजे डेंगुरपुर गांव से गोताखोर मुनीम निषाद, नकुल निषाद और विक्की को बुलाया गया। गोताखोरों ने नदी में उतरकर काफी देर तक शुभी और अंकिता की तलाश की, लेकिन तेज बहाव के कारण उन्हें सफलता नहीं मिल सकी।
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गोताखोरों के प्रयास के बाद भी जब दोनों किशोरियों का पता नहीं चला तो प्रशासन ने तलाश अभियान को और बढ़ाया। शाम करीब पांच बजे PAC की बाढ़ राहत टीम मौके पर पहुंची। टीम ने नाव की मदद से नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। जवान नदी के अलग-अलग हिस्सों में दोनों किशोरियों की तलाश करते रहे। नदी में तेज बहाव और लगातार बढ़ते अंधेरे के कारण अभियान में काफी परेशानी आई।
दो किशोरियों के नदी में बह जाने की खबर जैसे ही उनके परिवारों तक पहुंची, वहां कोहराम मच गया। परिजन भागकर नदी किनारे पहुंचे और अपनी बेटियों की सलामती की आस लगाए रहे। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था। जिस पर्व को लेकर सुबह घरों में उत्साह था, वही घटना कुछ ही घंटों में मातम में बदल गई।
Location : Prayagraj
Published : 31 August 2026, 8:49 PM IST