‘फांसी से पहले काला कपड़ा क्यों पहनाते हैं?’ गूगल पर यही खोज रहा था आरोपी, फिर प्रेमी की हत्या कर किए शव के टुकड़े

फतेहपुर के बकेवर क्षेत्र में हुए विजय निषाद हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि एक विवाहित महिला और उसके पति ने मिलकर प्रेमी की हत्या की साजिश रची थी। हत्या से पहले आरोपी ने गूगल और यूट्यूब पर जेल, फांसी और हत्या से जुड़े कानूनों की जानकारी भी खोजी थी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

Post Published By: Nitin Parashar
Updated : 1 June 2026, 6:05 PM IST

Fatehpur: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में हुए विजय निषाद हत्याकांड का पुलिस ने ऐसा खुलासा किया है जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। बकेवर थाना क्षेत्र में हुई इस जघन्य वारदात के पीछे कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि एक विवाहित महिला और उसका पति निकले। पुलिस जांच में सामने आया है कि महिला ने अपने प्रेमी विजय निषाद से पीछा छुड़ाने के लिए पति के साथ मिलकर उसकी हत्या की साजिश रची थी। इतना ही नहीं, हत्या को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने इंटरनेट पर जेल, फांसी और हत्या से जुड़ी कानूनी जानकारियां भी खंगाली थीं ताकि अपराध के बाद बच निकलने का रास्ता तलाश सकें।

प्रेम संबंध बना हत्या की वजह

पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मृतक विजय निषाद का एक विवाहित महिला के साथ प्रेम संबंध था। शुरुआत में दोनों के बीच सब कुछ सामान्य था, लेकिन समय के साथ रिश्तों में तनाव बढ़ने लगा। जांच में सामने आया कि विजय महिला पर लगातार संपर्क बनाए रखने का दबाव डाल रहा था। आरोप है कि वह महिला के निजी फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी भी देता था। इन धमकियों से महिला मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थी और वह किसी भी कीमत पर इस रिश्ते से बाहर निकलना चाहती थी।

रात 2 बजे आया मौत का तूफान! फतेहपुर में 100 KM की रफ्तार से चली हवाओं ने मचाई तबाही

पति के साथ मिलकर रची मौत की साजिश

पुलिस के अनुसार, महिला ने अपनी परेशानी अपने पति को बताई। इसके बाद दोनों ने मिलकर विजय को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। आरोपियों ने पूरी तैयारी के साथ हत्या की साजिश रची और फिर विजय को अपने जाल में फंसा लिया। बताया जा रहा है कि योजना के तहत विजय को बुलाया गया और फिर उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस का कहना है कि हत्या पूरी तरह पूर्व नियोजित थी और इसके लिए आरोपियों ने पहले से तैयारी कर रखी थी।

पहचान मिटाने के लिए लाश के किए टुकड़े

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने ऐसा कदम उठाया जिसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। पहचान छिपाने और सबूत मिटाने के लिए शव को आरी और ग्राइंडर की मदद से कई हिस्सों में काट दिया गया। इसके बाद शव के टुकड़ों को अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया गया ताकि पुलिस जांच भटक जाए और मृतक की पहचान करने में कठिनाई हो। लेकिन तकनीकी जांच और साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पूरे मामले का पर्दाफाश कर दिया।

गूगल और यूट्यूब बने अहम सबूत

जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले। मोबाइल डेटा की जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी कामता निषाद ने हत्या से पहले इंटरनेट पर अपराध और कानून से जुड़ी कई जानकारियां सर्च की थीं। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने गूगल और यूट्यूब पर हत्या की धाराओं, सजा, जेल व्यवस्था और फांसी की प्रक्रिया से जुड़े विषयों की जानकारी जुटाई थी। उसने ‘जेल कैसी होती है’, ‘हत्या के मामले में फांसी कब मिलती है’ और ‘फांसी से पहले काला कपड़ा क्यों पहनाते हैं’ जैसे सवाल भी इंटरनेट पर खोजे थे।

फतेहपुर में भाई बना कातिल, लाठियों से पीट-पीटकर छोटे भाई की हत्या, तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

तकनीकी जांच से खुली पूरी कहानी

पुलिस का कहना है कि मोबाइल डेटा, डिजिटल साक्ष्य, कॉल डिटेल, पूछताछ और अन्य तकनीकी जांच के आधार पर पूरे हत्याकांड की परतें खुलीं। शुरुआत में मामले को भटकाने की कोशिश की गई थी, लेकिन जांच टीम ने हर कड़ी को जोड़ते हुए सच्चाई सामने ला दी।

आरोपी पति-पत्नी भेजे गए जेल

पुलिस ने मामले में आरोपी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर दोनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

Location :  Fatehpur

Published :  1 June 2026, 6:05 PM IST