इलाज के नाम पर सब कुछ खत्म हो गया… गलत ब्लड चढ़ाने का आरोप, पति की मौत के बाद पत्नी ने मांगा इंसाफ

फतेहपुर में एक महिला ने निजी अस्पताल पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पति को ब्लड चढ़ाने के बाद अचानक हालत बिगड़ गई और कुछ समय बाद उनकी मौत हो गई।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 20 July 2026, 2:35 PM IST
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Fatehpur: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। खागा कस्बे की रहने वाली एक महिला ने आरोप लगाया है कि निजी अस्पताल में इलाज के दौरान उनके पति को गलत ब्लड चढ़ाया गया, जिससे उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पीड़िता ने अब जिला प्रशासन और पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

रास्ते में मिला अस्पताल का प्रबंधक

खागा नगर पंचायत के हरदोनगर मजरे बल्दी का पुरवा निवासी सरोज देवी ने अधिकारियों को दिए शिकायती पत्र में बताया कि 4 जुलाई 2026 को उनके पति अमर सिंह की अचानक तबीयत खराब हो गई थी। वह उन्हें दूसरे अस्पताल लेकर जा रही थीं। आरोप है कि इसी दौरान रास्ते में लाइफ केयर अस्पताल के प्रबंधक रवि त्रिवेदी मिले, जिन्होंने कम खर्च में बेहतर इलाज का भरोसा दिलाकर अपने अस्पताल में भर्ती करा लिया।

महिला का कहना है कि परिवार ने अस्पताल प्रबंधन की बात पर भरोसा किया, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि आगे हालात इतने गंभीर हो जाएंगे।

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अस्पताल पर लापरवाही का आरोप

पीड़िता के अनुसार अस्पताल में डॉक्टर विपिन सिंह ने जांच के बाद खून की कमी बताते हुए ब्लड चढ़ाने की सलाह दी। महिला का आरोप है कि ब्लड चढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होने के कुछ ही समय बाद उनके पति की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। परिवार का कहना है कि उन्होंने कई बार डॉक्टरों से जानकारी मांगी, लेकिन उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि अस्पताल प्रबंधन ने इलाज के नाम पर पहले 70 हजार रुपये और बाद में 28 हजार रुपये अतिरिक्त जमा कराए।

कानपुर ले जाने के बाद भी नहीं बची जान

सरोज देवी का आरोप है कि मरीज की हालत गंभीर होने पर अस्पताल संचालक उन्हें कानपुर लेकर गया, जहां बिना परिजनों की स्पष्ट जानकारी और सहमति के वेंटिलेटर पर भर्ती कराया गया। कुछ घंटों बाद अस्पताल ने इलाज जारी रखने में असमर्थता जताई। इसके बाद परिजन अमर सिंह को प्रयागराज लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। स्वरूप रानी अस्पताल, प्रयागराज पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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धमकी देने का भी लगाया आरोप

पति की मौत के बाद महिला ने अस्पताल प्रबंधन पर विरोध करने पर धमकी देने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी गई, जिसके कारण वह लंबे समय तक चुप रहीं। अब उन्होंने पुलिस अधीक्षक फतेहपुर को शिकायत देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

जांच के बाद ही सामने आएगी सच्चाई

फिलहाल महिला की शिकायत के आधार पर मामला अधिकारियों के संज्ञान में पहुंच गया है। इस मामले में संबंधित अस्पताल या डॉक्टरों की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इलाज में वास्तव में कोई लापरवाही हुई थी या नहीं। 

Location :  Fatehpur

Published :  20 July 2026, 2:35 PM IST

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