समझौते के बहाने पुलिस चौकी बुलाया, फिर कमरे में बंद कर पीटने का आरोप; युवक अस्पताल में भर्ती

फतेहपुर के राधानगर थाना क्षेत्र में जमीन विवाद के मामले में समझौते के लिए पुलिस चौकी बुलाए गए युवक ने पुलिस पर कमरे में बंद कर मारपीट और जबरन समझौता कराने का आरोप लगाया है। घायल युवक का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। मामले में पुलिस का पक्ष सामने आना बाकी है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 3 August 2026, 4:30 PM IST

Fatehpur: फतेहपुर में जमीन विवाद का मामला उस वक्त गंभीर हो गया, जब एक युवक ने पुलिस पर ही मारपीट और जबरन समझौता कराने का आरोप लगा दिया। पीड़ित का दावा है कि समझौते के नाम पर उसे पुलिस चौकी बुलाया गया, जहां विपक्षी पक्ष के सामने कमरे में बंद कर उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। इतना ही नहीं, धमकाकर जमीन संबंधी समझौते के कागज पर हस्ताक्षर भी करवा लिए गए। घायल युवक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है।

जमीन विवाद में चौकी बुलाने का आरोप

मामला फतेहपुर जिले के बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के उरदौली गांव का है। पीड़ित सत्यप्रकाश (37), पुत्र रामबहादुर, ने आरोप लगाया कि शनिवार दोपहर राधानगर थाना क्षेत्र की जयराम नगर पुलिस चौकी से दो पुलिसकर्मी उसके घर पहुंचे और समझौता कराने के नाम पर उसे चौकी बुलाया। सत्यप्रकाश अपनी पत्नी सरला के साथ चौकी पहुंचा। उसका आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद उसे एक कमरे में ले जाया गया, जहां पहले से ही विपक्षी पक्ष के रामचंद्र उमराव और उनके वकील मौजूद थे।

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'कमरे में बंद कर की गई मारपीट'

पीड़ित का आरोप है कि कमरे में पहुंचते ही पुलिसकर्मियों ने दरवाजा बंद कर दिया और गाली-गलौज करते हुए उसके साथ लात-घूंसों से मारपीट की। सत्यप्रकाश का कहना है कि पुलिस ने उस पर दबाव बनाते हुए जमीन संबंधी समझौते के दस्तावेज पर हस्ताक्षर करवा लिए। उसने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने धमकी दी कि यदि तीन दिन के भीतर जमीन खाली नहीं की गई तो उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया जाएगा।

'विपक्षी जमीन पर कब्जा करना चाहता है'

अस्पताल में भर्ती सत्यप्रकाश ने बताया कि राधानगर थाना क्षेत्र के नेवलापुर में उसकी करीब सवा छह बिस्वा जमीन है। उसका आरोप है कि रामचंद्र उमराव इस जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं और कुछ हिस्से पर पहले ही कब्जा कर चुके हैं।

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वीडियो बनाने पर मोबाइल छीनने का आरोप

पीड़ित के साले उपेंद्र ने भी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब वह चौकी में हो रही घटना का वीडियो बनाने लगे तो पुलिसकर्मियों ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया और उसमें रिकॉर्ड किया गया वीडियो डिलीट कर दिया।

अस्पताल में चल रहा इलाज

मारपीट के बाद घायल सत्यप्रकाश को उसकी पत्नी जिला अस्पताल लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे भर्ती कर इलाज शुरू किया। फिलहाल उसकी हालत पर डॉक्टर निगरानी रखे हुए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद है और मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

Location :  Fatehpur

Published :  3 August 2026, 4:30 PM IST