
गोरखपुर कोर्ट का बड़ा फैसला
Gorakhpur: गोरखपुर में महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर सख्त कार्रवाई के तहत चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के अंतर्गत पुलिस और अभियोजन पक्ष को एक बड़ी सफलता मिली है। वर्ष 2024 में दर्ज दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। इस फैसले को न्याय व्यवस्था की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
यह मामला थाना बांसगांव क्षेत्र में वर्ष 2024 में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 259/24 से जुड़ा है। अभियुक्त सर्वेश पुत्र मुन्नू, निवासी बड़ावन वार्ड नंबर-2 लमोहिया, थाना बांसगांव पर भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)N और 506 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
मामले की सुनवाई एडीजे/एफटीसी-1 (फास्ट ट्रैक कोर्ट) गोरखपुर में हुई। अदालत ने प्रस्तुत साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर आरोपी को दोषी करार दिया। इसके बाद अदालत ने 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 23 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
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उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” के तहत गंभीर मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित किया जा रहा है। इसी क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देशन में मॉनिटरिंग सेल और थाने के पैरोकार ने मामले की लगातार निगरानी की और प्रभावी पैरवी की।
इस मामले में एडीजीसी रमेश चंद्र पांडेय और एडीजीसी अतुल कुमार सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी मजबूत पैरवी और पुलिस की सतत मॉनिटरिंग के कारण पीड़िता को न्याय दिलाया जा सका।
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यह फैसला न केवल पीड़िता को न्याय दिलाने वाला साबित हुआ, बल्कि समाज में अपराधियों के खिलाफ एक सख्त संदेश भी देता है कि ऐसे मामलों में अब कानून तेजी से और कठोर कार्रवाई कर रहा है।
Location : Gorakhpur
Published : 26 May 2026, 8:56 PM IST