
ट्रैफिक इंस्पेक्टर पर टेंपो चालक से अभद्रता का आरोप(IMG: Dynamite News)
Budaun: उत्तर प्रदेश के बदायूं जनपद में ट्रैफिक पुलिस की कार्यशैली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में तैनात ट्रैफिक इंस्पेक्टर पर एक गरीब टेंपो चालक के साथ गाली-गलौज करने और जूते से मारने की धमकी देने का सनसनीखेज आरोप लगा है। इंस्पेक्टर की प्रताड़ना और दहशत से टेंपो चालक की तबीयत इतनी बिगड़ गई कि उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार घटना थाना सिविल लाइन क्षेत्र के मंडी समिति के निकट की है। पीड़ित टेंपो चालक अपने रोजमर्रा के रूट पर सवारियां लेकर जा रहा था। आरोप है कि वहां तैनात ट्रैफिक इंस्पेक्टर मनोज कुमार वर्मा ने उसे रोका और कागजात के नाम पर अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज शुरू कर दी।
पीड़ित का आरोप है कि इंस्पेक्टर यहीं नहीं रुके, उन्होंने जूते से मारने की धमकी दी और टेंपो को सीज करने की बात कही। इसके बाद टेंपो को जबरन कब्जे में लेकर पुलिस लाइन भिजवा दिया गया।
टेंपो ही गरीब चालक के परिवार की रोजी-रोटी का एकमात्र सहारा है। टेंपो पकड़े जाने के बाद से चालक बेहद परेशान और डरा-सहमा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वह काफी देर तक ट्रैफिक पुलिस कार्यालय और पुलिस लाइन के चक्कर काटता रहा और इधर-उधर भटकता रहा।
जब चालक ने अपना टेंपो छोड़ने की गुहार लगाई तो आरोप है कि उस पर जबरन एक एप्लीकेशन लिखने का दबाव बनाया गया।
बताया जा रहा है कि ट्रैफिक पुलिस कार्यालय में एप्लीकेशन लिखते समय अचानक टेंपो चालक की हालत बिगड़ने लगी। वह घबराहट और बेचैनी के कारण वहीं गिर पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत इसकी सूचना दी और उसे आनन-फानन में इलाज के लिए बदायूं जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है।
घटना के बाद से स्थानीय टेंपो चालकों में ट्रैफिक पुलिस के रवैये को लेकर भारी आक्रोश है। चालकों का कहना है कि चेकिंग के नाम पर उनके साथ आए दिन दुर्व्यवहार किया जाता है।
फिलहाल इस पूरे मामले में पुलिस के आला अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
Location : Budaun
Published : 10 September 2026, 4:37 PM IST