Balrampur News: ढाई साल बाद खुला खौफनाक राज, हत्या के बाद नदी में फेंका शव, फिर सोशल मीडिया पर देने लगा चकमा

बलरामपुर में पुलिस ने ढाई साल पुरानी युवक की गुमशुदगी का सनसनीखेज खुलासा करते हुए हत्या का मामला सुलझाया है। मृतक की पत्नी के प्रेमी राजन गुप्ता ने साथियों संग मिलकर युवक की गला घोंटकर हत्या की और शव अयोध्या नदी में फेंक दिया। आरोपी पुलिस को भटकाने के लिए मृतक का सोशल मीडिया अकाउंट खुद चला रहा था।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 1 July 2026, 4:57 PM IST

Balrampur: बलरामपुर जिले में ढाई साल पहले अचानक लापता हुए एक युवक की रहस्यमयी गुमशुदगी का पुलिस ने बेहद चौंकाने वाला पर्दाफाश किया है। दरअसल, यह कोई साधारण गुमशुदगी नहीं, बल्कि एक बेहद शातिर तरीके से अंजाम दी गई हत्या की वारदात थी। पुलिस की संयुक्त टीमों ने तकनीकी जांच के आधार पर इस मर्डर मिस्ट्री को सुलझाते हुए दो मुख्य आरोपियों को दबोच लिया है।

प्रेम प्रसंग में रची गई हत्या की साजिश

​इस पूरी खौफनाक वारदात की स्क्रिप्ट प्यार और दीवानगी के चक्कर में लिखी गई थी। पुलिस की गिरफ्त में आए मुख्य आरोपी राजन गुप्ता उर्फ समीर का मृतक सलामतुल्ला की पत्नी से निकाह से पहले से प्रेम प्रसंग चल रहा था। निकाह हो जाने के बाद भी आरोपी की दीवानगी कम नहीं हुई और वह महिला को हर हाल में पाना चाहता था। इसी पागलपन में उसने सलामतुल्ला को हमेशा के लिए अपने रास्ते से हटाने की एक बेहद खतरनाक साजिश रच डाली।

नशीला पानी पिलाकर कार में की हत्या

​साजिश के तहत आरोपी अपने साथियों के साथ कार से युवक के गांव पहुंचा और उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ घुमाने के बहाने ले गया। रास्ते में सुनसान जगह पाकर आरोपियों ने पहले से तैयार ग्लूकोज के पानी में नशीली गोलियां पीसकर युवक को पिला दीं। जैसे ही युवक अचेत होने लगा, आरोपियों ने कार के अंदर ही रस्सी से गला घोंटकर उसकी जीवन लीला समाप्त कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी शव को एक बोरे में बंद कर दूसरी गाड़ी की डिग्गी में डालकर अयोध्या ले गए, जहां सुनसान पुल से लाश को नदी में फेंक दिया गया।

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मोबाइल से पुलिस को दिया चकमा

​हत्या की इस वारदात को छिपाने और पुलिस को चकमा देने के लिए मुख्य आरोपी ने बेहद शातिर चाल चली। वह युवक का मोबाइल अपने पास रखकर अलग-अलग इलाकों में घूमता रहा। वहां सार्वजनिक वाई-फाई का इस्तेमाल कर वह मृतक के सोशल मीडिया अकाउंट से परिजनों को मैसेज भेजता था। वह ऐसा इसलिए करता रहा ताकि परिवार और पुलिस को यही लगता रहे कि युवक जीवित है और अपनी मर्जी से कहीं छुपकर रह रहा है।

साइबर सेल की जांच में खुला सच

​अधिकारियों के कड़े निर्देश पर जब पुलिस और साइबर सेल ने गहराई से पड़ताल शुरू की, तो मोबाइल की लोकेशन और तकनीकी सुरागों ने इस झूठ की कलई खोल दी। पुलिस टीम ने घेराबंदी करके उतरौला के एक अस्पताल के पास से दो मुख्य आरोपियों, राजन गुप्ता और इरफान को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने मृतक का मोबाइल और सिम कार्ड भी बरामद कर लिया है। इस मामले में शामिल दो अन्य फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है, जबकि पकड़े गए दोनों आरोपियों को कानूनी कार्रवाई के बाद जेल भेज दिया गया है।

Location :  Balrampur

Published :  1 July 2026, 4:57 PM IST