सोशल मीडिया पर वायरल हुई पोस्ट ने उड़ाए होश; जानिए जानलेवा हमले के शिकार अधिवक्ता ने क्या किए बड़े खुलासे?

बलरामपुर के सिविल लाइन क्षेत्र में रहने वाले अधिवक्ता जयप्रकाश त्रिपाठी ने कोतवाली नगर पुलिस को एक शिकायती पत्र सौंपकर अपनी जान-माल की सुरक्षा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 24 July 2026, 5:48 PM IST

Balrampur: अधिवक्ता राहत कोष घोटाले से जुड़े मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। घोटाले के मुख्य आरोपी एडवोकेट शशांक त्रिपाठी ने सोशल मीडिया प्लेट फॉर्म के माध्यम से आत्मघाती कदम उठाने का मैसेज अधिवक्ता संगठन के विभिन्न ग्रुप में भेजी है। जिसके बाद पूरे मामले को लेकर जिला बार संघ ने शनिवार को बैठक बुलाई है।

अधिवक्ता ने पुलिस से मांगी सुरक्षा

जिले के सिविल लाइन क्षेत्र में रहने वाले अधिवक्ता जयप्रकाश त्रिपाठी ने कोतवाली देहात पुलिस को एक शिकायती पत्र सौंपकर अपनी जान-माल की सुरक्षा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित वकील न्यायालय के रूम नंबर 6 में एक मामले की पैरवी के सिलसिले में मौजूद थे। दोपहर करीब दो बजे जब वह अदालती कार्यवाही के बाद बाहर निकले, तो कोर्ट रूम के ठीक बाहर बरामदे में पहले से घात लगाए बैठे कुछ अधिवक्ताओं ने उनके साथ बदसलूकी शुरू कर दी। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया और देखते ही देखते विवाद काफी बढ़ गया।

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कोर्ट परिसर में मारपीट का आरोप

विवाद में के दौरान ही अधिवक्ताओं ने उनके जूनियर अमन के साथ मारपीट की और उसके जेब में रखे लगभग 2500 रुपये और जरूरी कानूनी दस्तावेज तथा कोट की फाइल भी जबरन छीन ली। जब पीड़ित ने खुद को व जूनियर अधिवक्ता को बचाने का प्रयास किया, तो वहां मौजूद लगभग 10-15 अन्य वकीलों ने भी उनकी बात नहीं सुनी और हमलावरों का ही पक्ष लिया। आरोपियों ने कोर्ट परिसर के भीतर ही वकील की कुर्सी तोड़ दी और उन पर हमला करने के लिए कुर्सी उठा ली।

किसी तरह पीड़ित वहां से अपनी जान बचाकर भागने में सफल रहे। इस घटना के बाद से पीड़ित अधिवक्ता बेहद डरे हुए हैं और उन्होंने पुलिस प्रशासन से आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर त्वरित कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।

सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ी हलचल

अधिवक्ता जयप्रकाश त्रिपाठी द्वारा कोतवाली देहात पर दिए गए प्रार्थना पत्र के बाद उनके पुत्र अधिवक्ता शशांक त्रिपाठी द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया एक भावुक और गंभीर संदेश तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। वायरल पोस्ट में अधिवक्ता ने खुद को एक कथित वित्तीय घोटाले में फर्जी तरीके से फंसाए जाने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पद से हटाए जाने के बाद उन्होंने किसी भी चेक पर हस्ताक्षर नहीं किए थे, फिर भी बैंक ने नियमों को ताक पर रखकर बिना हस्ताक्षर मिलान किए पैसे का भुगतान कर दिया।

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आत्मघाती कदम की चेतावनी

उन्होंने निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए बैंक के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराने की मांग की है।सोशल मीडिया पर फैली इस पोस्ट में अधिवक्ता ने विभागीय गुटबाजी और पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा है कि जानबूझकर उन्हें निशाना बनाया गया और उनके परिजनों के साथ भी अभद्रता की गई। मामले से बुरी तरह टूट चुके अधिवक्ता ने संदेश के अंत में मानसिक तनाव के चलते आत्मघाती कदम उठाने की चेतावनी दी है और इसके लिए कुछ स्थानीय लोगों व उनके सहयोगियों को जिम्मेदार ठहराया है।

बार एसोसिएशन ने बुलाई बैठक

वही अधिवक्ताओं का कहना है कि एडवोकेट जय प्रकाश त्रिपाठी के पुत्र एडवोकेट शशांक त्रिपाठी अधिवक्ता राहत कोष में हुए लाखों के घोटाले के मुख्य आरोपी है। पुलिस की जांच को भ्रमित करने के लिए पिता पुत्र द्वारा ऐसे कृत्य किए जा रहे है। पूरे मामले के बाद जिला बार एसोसिएशन द्वारा शनिवार को अधिवक्ता राहत कोष की बैठक बुलाई गई है।

Location :  Balrampur

Published :  24 July 2026, 5:48 PM IST