व्हाट्सएप पर आया एक मैसेज और 2.23 करोड़ रुपये हो गए गायब, फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जाल में फंसे रिटायर्ड नेवी अफसर

नोएडा में साइबर ठगों ने अपस्टॉक्स का नाम और लोगो इस्तेमाल कर 73 वर्षीय रिटायर्ड नेवी अधिकारी से 2.23 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। व्हाट्सएप पर संपर्क कर फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराया गया और मुनाफे का झांसा देकर करोड़ों रुपये निवेश करवा लिए। मामला साइबर थाने पहुंचा, जहां पुलिस जांच में जुटी है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 31 July 2026, 1:20 PM IST

Noida: नोएडा में साइबर अपराधियों ने ठगी का ऐसा जाल बिछाया कि 73 वर्षीय सेवानिवृत्त नेवी अधिकारी अपनी जीवनभर की जमा पूंजी से हाथ धो बैठे। व्हाट्सएप पर आए एक आकर्षक संदेश से शुरू हुई बातचीत धीरे-धीरे करोड़ों रुपये की ठगी में बदल गई। खुद को मशहूर ब्रोकरेज कंपनी अपस्टॉक्स का प्रतिनिधि बताने वाले जालसाजों ने पहले भरोसा जीता, फिर फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराया और आखिरकार 2.23 करोड़ रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। जब पीड़ित ने अपनी रकम निकालने की कोशिश की, तब उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार बन चुके हैं।

व्हाट्सएप मैसेज से शुरू हुआ पूरा खेल

मामला नोएडा के सेक्टर-21 स्थित जलवायु विहार का है। यहां रहने वाले 73 वर्षीय रिटायर्ड नेवी अधिकारी को 10 जून 2026 को व्हाट्सएप पर एक संदेश मिला। मैसेज में अपस्टॉक्स का लोगो लगा था और शेयर बाजार में निवेश कर शानदार मुनाफा कमाने का दावा किया गया था। मैसेज के साथ ट्रेडिंग अकाउंट खोलने का एक ऑनलाइन फॉर्म भी भेजा गया। प्रतिष्ठित कंपनी का नाम और लोगो देखकर बुजुर्ग को भरोसा हो गया और उन्होंने फॉर्म भर दिया।

KYC के नाम पर जुटाई निजी जानकारी

एफआईआर के मुताबिक, 14 जून को साइबर ठगों ने पीड़ित से आधार कार्ड, पैन कार्ड और फोटो मंगवाकर ऑनलाइन केवाईसी पूरी कराई। इसके बाद उन्हें एक ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड करने के लिए कहा गया। यह ऐप असली ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म जैसा दिखाई देता था, जिससे पीड़ित को किसी तरह का संदेह नहीं हुआ। शुरुआत में ऐप पर किए गए छोटे निवेश पर मुनाफा भी दिखाया गया। इससे उनका भरोसा पूरी तरह जीत लिया गया।

Follow UP: FIR दर्ज होने के बाद नोएडा की रुचिका सिंह का पूरा परिवार गायब, CJP Protest में पीएम मोदी पर की थी अभद्र टिप्पणी

धीरे-धीरे खाते से निकल गए 2.23 करोड़ रुपये

शुरुआती मुनाफा देखने के बाद पीड़ित ने निवेश की राशि बढ़ानी शुरू कर दी। 15 जून से 21 जुलाई के बीच उन्होंने अलग-अलग बैंक खातों में कुल 2.23 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। ऐप में निवेश बढ़ता हुआ और मुनाफा दिखता रहा, जिससे उन्हें लगा कि उनकी रकम सुरक्षित है। लेकिन असल में यह पूरा डेटा साइबर ठगों द्वारा तैयार किया गया फर्जी सिस्टम था।

मांगी 62.51 लाख रुपये की 'सर्विस फीस'

जब पीड़ित ने अपने निवेश में से 1.85 करोड़ रुपये निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने नया बहाना बना दिया। उनसे कहा गया कि निकासी से पहले 62.51 लाख रुपये सर्विस फीस के रूप में जमा करने होंगे। पीड़ित ने यह रकम भी जमा कर दी, लेकिन इसके बाद भी पैसा उनके खाते में नहीं आया। लगातार बहाने मिलने पर उन्हें शक हुआ कि कहीं उनके साथ धोखाधड़ी तो नहीं हुई है।

मुंबई पहुंचकर खुला पूरा राज

सच्चाई जानने के लिए 27 जुलाई को पीड़ित सीधे मुंबई स्थित अपस्टॉक्स के कार्यालय पहुंचे। वहां कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि इस तरह के कई मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। साइबर अपराधी कंपनी का नाम और लोगो इस्तेमाल कर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। इसके बाद पीड़ित ने नोएडा साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

नोएडा की सबसे बड़ी कांवड़ यात्रा: 18 फीट लंबे भव्य रथ को हरिद्वार से खींचकर लाएंगे 11 शिवभक्त, जानें क्या होगी रथ की खासियत?

पुलिस कर रही बैंक खातों की जांच

डीसीपी साइबर शैव्या गोयल के अनुसार, जांच के दौरान उन सभी बैंक खातों का विवरण जुटाया जा रहा है, जिनमें पीड़ित ने पैसे ट्रांसफर किए थे। साइबर विशेषज्ञ यह भी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि रकम किन-किन खातों और नेटवर्क के जरिए आगे भेजी गई।

साइबर एक्सपर्ट ने दी बड़ी चेतावनी

साइबर विशेषज्ञ एवं पूर्व आईपीएस प्रो. त्रिवेणी सिंह का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में फर्जी ट्रेडिंग ऐप और निवेश के नाम पर ठगी के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। अपराधी बड़ी कंपनियों के नाम, लोगो और इंटरफेस की हूबहू नकल कर लोगों का भरोसा जीतते हैं। शुरुआत में नकली मुनाफा दिखाकर निवेश बढ़वाया जाता है और बाद में करोड़ों रुपये की ठगी कर ली जाती है।

Location :  Noida

Published :  31 July 2026, 1:20 PM IST