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भारतीय शेयर बाजार में 1 अप्रैल को अचानक उत्साह देखने को मिला। सेंसेक्स और निफ्टी ने शुरुआती स्तरों से बढ़त दिखाई, कुछ प्रमुख कंपनियों के शेयर तेजी के साथ उभरे। निवेशकों की प्रतिक्रियाएं और बाजार की चाल अब सबकी निगाहों में हैं। क्या यह वृद्धि स्थायी होगी या केवल अस्थायी उछाल है?
प्रतीकात्मक तस्वीर (Img: Internet)
Mumbai: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 1 अप्रैल को जोरदार तेजी देखने को मिली। प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी 50 में लगातार उछाल दर्ज किया गया। निवेशकों की बढ़ती रुचि और सकारात्मक बाजार संकेतों के चलते सेंसेक्स और निफ्टी में बड़े पैमाने पर बढ़त देखने को मिली।
30 शेयरों वाले बीएसई सेंसेक्स दिन की शुरुआत 73,762.43 के स्तर पर 1,814.88 अंक या 2.52 प्रतिशत की तेजी के साथ की। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 ने 22,899.00 के लेवल पर 567.60 अंक या 2.54 प्रतिशत की बढ़त के साथ ट्रेडिंग शुरू की। सुबह करीब 9:20 बजे सेंसेक्स 1,848 अंक ऊपर 73,795 अंक पर और निफ्टी 50 568 अंक उछलकर 22,899 के स्तर पर कारोबार कर रही थी।
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बीएसई बास्केट में ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, अडानीपोर्ट, इंडिगो और एलएंडटी शीर्ष गेनर रहे। इन कंपनियों में मजबूत खरीदारी और सकारात्मक निवेशक प्रतिक्रिया के कारण बाजार में तेजी बनी रही।
इससे पहले, सोमवार, 30 मार्च को बाजार में गिरावट देखी गई थी। सेंसेक्स 1,635.67 अंक या 2.22 प्रतिशत गिरकर 71,947.55 अंक पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 50 488.20 अंक या 2.14 प्रतिशत घटकर 22,331.40 के स्तर पर बंद हुआ। उस दिन बीएसई बास्केट में पावरग्रिड शीर्ष गेनर रहा, जबकि बजाज फिनसर्व, एसबीआई, इंडिगो, एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक शीर्ष लूजर रहे।
सोमवार के कारोबारी दिन निफ्टी 100, निफ्टी ऑटो, निफ्टी स्मॉलकैप 100, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी बैंक, निफ्टी आईटी और निफ्टी मिडकैप 100 के शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। बीएसई बास्केट में 29 शेयर लाल निशान पर बंद हुए और केवल 1 शेयर में तेजी देखी गई।
बुधवार को बाजार में तेजी के चलते निवेशकों में उत्साह देखने को मिला। विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में सुधार के संकेत और मजबूत कॉर्पोरेट परिणामों ने निवेशकों को सकारात्मक निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया।
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विश्लेषकों का कहना है कि अगर सकारात्मक आर्थिक संकेत और निवेशक विश्वास बना रहता है, तो सेंसेक्स और निफ्टी में आगे और तेजी देखी जा सकती है। हालांकि, वैश्विक बाजार और घरेलू आर्थिक संकेतक भी भविष्य के रुझान को प्रभावित कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है, यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें।