Share Market: शेयर बाजार पर नकारात्मक माहौल भारी, जानें क्यों लुढ़के सेंसेक्स-निफ्टी

MCX पर सोना करीब 1% और चांदी 3% तक गिरी। अमेरिकी CPI डेटा और डॉलर की मजबूती से कीमती धातुओं पर दबाव। जानें ताजा भाव, अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर और क्या यह निवेश का सही मौका है।

Post Published By: Sapna Srivastava
Updated : 16 February 2026, 10:06 AM IST
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New Delhi: सप्ताह की शुरुआत शेयर बाजार के लिए सुस्त रही। सोमवार को शुरुआती कारोबार में दोनों प्रमुख सूचकांक लाल निशान में खुले। सुबह 9:16 बजे के आसपास निफ्टी 25,450 के नीचे फिसलकर 25,434.35 पर ट्रेड करता दिखा, जो करीब 37 अंकों या 0.14% की गिरावट दर्शाता है। वहीं सेंसेक्स 100 से अधिक अंक टूटकर 82,520.90 पर पहुंच गया, जिसमें 106 अंकों यानी 0.13% की कमजोरी रही।

पिछले सप्ताह भी रहा दबाव

बीते सप्ताह भी बाजार में कमजोरी का माहौल बना रहा। प्रमुख सूचकांक लगभग 1% तक फिसले। खासतौर पर आईटी शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी अनिश्चितताओं और टेक कंपनियों के वैल्यूएशन को लेकर संशय ने निवेशकों का भरोसा कमजोर किया। आईटी सेक्टर का वजन प्रमुख इंडेक्स में अधिक होने के कारण इसका सीधा असर सेंसेक्स और निफ्टी पर पड़ा। बड़े टेक शेयरों में गिरावट से बाजार का सेंटीमेंट दबाव में आ गया।

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एआई और टेक वैल्यूएशन पर सवाल

विशेषज्ञों का मानना है कि टेक कंपनियों के शेयरों में “री-प्राइसिंग” की प्रक्रिया जारी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े बिजनेस मॉडल, निवेश लागत और भविष्य की कमाई को लेकर अभी स्पष्टता नहीं है। ऐसे में निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं।

ग्लोबल संकेत भी पूरी तरह सकारात्मक नहीं हैं। अमेरिकी टेक शेयरों में हालिया उतार-चढ़ाव का असर एशियाई बाजारों पर भी देखा जा रहा है, जिसका प्रभाव भारतीय बाजार पर पड़ा है।

बाजार में आगे क्या?

डेरिवेटिव डेटा और ट्रेडिंग ट्रेंड से संकेत मिलता है कि फिलहाल बाजार सीमित दायरे में रह सकता है। निवेशकों को बड़ी पोजीशन लेने से पहले वैश्विक संकेतों, डॉलर इंडेक्स, अमेरिकी ब्याज दर नीति और टेक सेक्टर के नतीजों पर नजर रखने की सलाह दी जा रही है।

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विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौर में चुनिंदा शेयरों पर फोकस और जोखिम संतुलित रणनीति अपनाना बेहतर रहेगा। मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों में चरणबद्ध निवेश लंबी अवधि में फायदेमंद हो सकता है। फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी रह सकती है, इसलिए अल्पकालिक उतार-चढ़ाव से घबराने के बजाय सोच-समझकर निवेश करना जरूरी है।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 16 February 2026, 10:06 AM IST

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